Cultural Events

 

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सांस्कृतिक गतिविधियाँ

सत्र: 2017-18

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस योग से रहे निरोग


शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योगाभ्यास का आयोजन किया गया। 
महाविद्यालय परिसर में प्रातः 06ः30 बजे से आयोजित योगाभ्यास में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने योग की विभिन्न मुद्राओं एवं प्राणायाम का अभ्यास किया तथा संकल्प लिया कि वे इन योग की मुद्राओं का अभ्यास प्रतिदिन के व्यवहार में लायेगें। 
सेक्टर-10 स्थित योगाश्रम के श्री ओ.पी. गुप्ता एवं श्रीमती उर्मिला गुप्ता के सानिध्य में सभी ने विभिन्न योग मुद्राओं तथा प्राणायाम, ध्यान का अभ्यास किया एवं सीखा। 
इस अवसर पर योग प्रशिक्षक श्री ओ.पी. गुप्ता ने कहा कि यदि हम थोड़ा सा वक्त अपने शरीर के लिये निकाले तो हम बहुत से रोगों से बच सकते है। निरोग मन और निरोग तन आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। 
श्री गुप्ता ने कमर दर्द, पैर दर्द, मधुमेह पर विशेष योगाभ्यास बताया। श्रीमती उर्मिला गुप्ता ने ध्यान (मेडिटेशन) का अभ्यास कराया जिससे एकाग्रता बढ़ती है और स्वस्थ मन रहता है। 
महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने इस अवसर पर योग के महत्व पर प्रकाश डाला तथा विद्यार्थियों के लिए इसकी नियमित कक्षाओं की आवश्यकता बतलाई। 
महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डाॅ. डी.सी. अग्रवाल ने योगाभ्यास एवं ध्यान को दैनिक जीवन में अंगीकृत करने का आव्हान करते हुए गुप्ता दंपत्ति के अमूल्य सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। 
प्रभारी प्राध्यापक डाॅ. आरती गुप्ता ने कार्यक्रम का संचालन किया। 



 
 
 

यूथ स्पार्क-2 में उमड़ा उत्साह

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं के लिए ‘‘यूथ फाॅर एकात्मता- एक है हम’’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। 
जिसमें महाविद्यालय की 439 छात्राओं ने भाग लिया। प्रतियोगिता के प्रथम चरण में 10 वाक्यों में निर्धारित विषय पर विचार लिखने थे। जिसमें प्रमुख (1) जनजातीय समाज की विशेषताएँ (2) छत्तीसगढ़ के एक महापुरूष या संत की जीवनी। (3) भारतीय संस्कृति भारत की एकात्मता का आधार है। (4) छत्तीसगढ़ शासन की कल्याणकारी योजनाएँ। कुल 20 चयनित प्रतिभागियों का नाम अगले चरण के लिए भेजा गया। नोडल अधिकारी डाॅ. ऋचा ठाकुर ने बताया कि छात्राओं में इस स्पर्धा के लिए भारी उत्साह रहा। उल्लेखनीय है कि इस स्पर्धा में 51000/-रूपये का प्रथम पुरूस्कार, 31000/-रू. का द्वितीय पुरस्कार एवं 21000/-रूऋ का तृतीय पुरस्कार घोषित किया गया है। चयनित छात्राओं को स्पर्धा के द्वितीय चरण में भाग लेने का मौका मिलेगा। 
 
 
 

नैतिक मूल्यांे से ही बनता है जीवन अमूल्य: डाॅ. जय सिंह

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग में ‘‘सार्वभौमिक मूल्यों की वर्तमान समाज में आवश्यकता’’ विषय पर व्याख्यान आयोजित हुआ। पी.जी. काॅलेज कांकेर के प्राध्यापक   डाॅ. जयसिंह ने व्यापक एवं वैश्विक संदर्भों में नैतिक मूल्यों पर विचार रखें। उन्होनें कहा कि ‘सत्य नैतिकता की जननी है वर्तमान परिवेश में दिनों-दिन नैतिक मूल्यों का ह्ास हो रहा है। वेद, रामायण आदि पौराणिक कथाओं तथा भगवान राम, हरिश्चन्द्र, बुद्ध, महावीर जैसे महापुरूषों का अनुशीलन कर रही भारतभूमि ने सत्य, अहिंसा, सदाचरण, प्रेम तथा शांति का संदेश विश्व को दिया। इन्हीं सत्यान्वेषियों के तप, त्याग और अहिंसा के उच्चादर्शों के आधार पर ही हम विश्वगुरू कहलाए। और अगर हमें फिर से विश्वगुरू बनना है तो उन्हीं आदर्शों को आत्मसात करना होगा। अंत में डाॅ. सिंह ने छात्राओं के सुखद भविष्य हेतु महामना मदन मोहन मालवीय जी के जीवनसूक्ति को उद्धृत किया- ‘‘दूध पियो, कसरत करो, नित्य जपो हरिनाम! मन लगाई विद्या पढ़ो पूरन हो सब काम।।
शासकीय महाविद्यालय भखारा से पधारे दूसरे वक्ता डाॅ. भुवाल सिंह ठाकुर ने नैतिक मूल्यों के संदर्भ में युरोपीय नवजागरण एवं भारतीय पुनर्जागरण के मूल्यों-तार्किकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवता एवं स्वतंत्रता बोध की महत्ता को रेखांकित किया। भारतीय संविधान के हम की भावना को याद दिलाते डाॅ. ठाकुर ने कहा कि ‘बेटियाँ ही सद्समाज की कर्णधार और नैतिक मूल्यों के समग्रबोध की प्रतिनिधि होती है। जिस दिन हम सबमें माँ के विराट भाव संसार का एक भी गुण आ जायेगा तो हम वास्तव में नैतिक हो जाएंगे। जब ईदगाह के हामिद का आवबोध हमारे रगों में दौड़ने लगे तब हम नैतिक बनेगे। 
प्रोफेसर डी.सी. अग्रवाल ने छात्राओं को जीवन-संघर्ष में नैतिक मूल्यों की उपयोगिता समझाई। महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने छात्राओं को सदाचरण, धैर्य और एकाग्रता जैसे मूल्यों को दैनिक जीवन में अपनाने हेतु प्रेरित किया। उन्होनें बताया कि नैतिक मूल्यों को अपने आचरण में उतारने पर ही हम अच्छे व्यक्तित्व अच्छे समाज और बेहतर देश का निर्माण कर सकते है। 
कार्यक्रम का संचालन कर रहे डाॅ. अम्बरीश त्रिपाठी ने महात्मा गाँधी और विवेकानन्द के जीवन का मार्गदर्शक के रूप में अनुसरण करने की बात कही। इस अवसर पर आई.क्यू.ए.सी की समन्वयक डाॅ. अमिता सहगल, डाॅ. रेशमा लाकेश, श्री योगेन्द्र त्रिपाठी समेत समस्त प्राध्यापक एवं छात्राएँ उपस्थित रहीं।
 
 
 

इंडक्शन प्रोग्राम आयोजित

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग में स्नातक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए इंडक्शन प्रोग्राम आयोजित किया गया। 
महाविद्यालय की आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आई.क्यू.ए.सी.) के द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में नवप्रवेशित छात्राओं को महाविद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं, अध्ययन-अध्यापन संबंधी तथा शासन की विद्यार्थियों के लिए विभिन्न योजनाओं की जानकारी विस्तार से दी गयी।
महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कदम रखते ही लक्ष्य निर्धारण एवं अध्ययन के प्रति एकाग्रता एवं समर्पण से ही सफलता अर्जित होती है। उन्होनें कौशल विकास को उच्च शिक्षा के लिए महती आवश्यकता बतलाते हुए महाविद्यालय द्वारा इस दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासो की जानकारी देते हुए इसका लाभ उठाने को कहा।
आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ की संयोजक डाॅ. अमिता सहगल ने महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं शैक्षणेत्तर गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी।
उन्होनें वार्षिक परीक्षा परिणामों की चर्चा करते हुए बताया कि हमारी छात्राओं ने परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन किया है। बी.काॅम. प्रथम में 90 प्रतिशत, बी.एससी. प्रथम में 75 प्रतिशत तथा बी.ए. प्रथम में 67 प्रतिशत छात्राओं ने सफलता प्राप्त की है जो शिक्षकों एवं छात्राओं की मेहनत का परिणाम है। 
महाविद्यालय की खेलकूद, ग्रंथालय, यूथ रेडक्राॅस, ग्रीन आर्मी, राष्ट्रीय सेवा योजना, मेडिकल सेंटर, कॅरियर गाइडेंस सेल, आॅनेस्टी काॅर्नर, कोचिंग कक्षाओं की सविस्तार जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए डाॅ. ऋचा ठाकुर ने सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियों का उल्लेख किया। वहीं डेंगू उन्मूलन अभियान एवं मतदाता जागरूकता के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए सभी को सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आव्हान किया। 
कार्यक्रम में डाॅ. डी.सी. अग्रवाल, डाॅ. अनिल जैन, डाॅ. के.एल.राठी, डाॅ. निसरीन हुसैन, डाॅ. मीरा गुप्ता, डाॅ. शशि कश्यप, डाॅ. ऊषा चंदेल के साथ छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित थी।
 
 
 

छात्राओं ने बनाये इको फ्रेंडली गणेश

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग में चित्रकला एवं मूर्तिकला विभाग के तत्वाधान में तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें छात्राओं को इको फ्रेंडली गणेश बनाना सिखाया गया। कार्यशाला का उद्घाटन महाविद्यालय की जनभागीदारी समिति की अध्यक्ष श्रीमती जयश्री समर्थ ने किया। उन्होनें छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण की महती जवाबदारी हमारी युवापीढ़ी को है। हमारी प्राचीन परंपराएँ एवं संस्कृति सदैव पर्यावरण के हित में रही हैं जो हमारी गलतियों से क्षरित हो रही है। यह कार्यशाला हमें बहुत ही सीख देती है। 
कार्यशाला में सुप्रसिद्ध कलाकार राजेन्द्र सुगरिया, संघर्ष कुमार, नरेन्द्र साहू, ताकेश्वर सिंह ने छात्राओं को आसान तरीके से गणेश प्रतिमाएँ बनाना सीखाया साथ ही उन्हें प्राकृतिक रंगों से रंगा गया। 
चित्रकला विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. योगेन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि इस कार्यशाला में 300 छात्राओं ने  भाग लिया तथा गणेश प्रतिमाएँ बनायी गयी। 
डाॅ. त्रिपाठी ने बताया कि प्राकृतिक रंगों का उपयोग किया गया तथा छात्राओं को बताया गया कि गणेश चतुर्थी में इन्हें अपने घर में स्थापित करें तथा अनंत चर्तुदर्शी को विसर्जन घर में ही बाल्टी में करें तथा उस पानी को गमलों में पौधों में डालें।
महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने कार्यशाला को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण बताते हुए छात्राओं के प्रयासों की प्रसंशा की।
कार्यशाला का समापन छात्राओं द्वारा निर्मित सभी प्रतिमाओं को प्रदर्शित किया गया तथा सभी प्रशिक्षकों का महाविद्यालय परिवार द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यशाला में डाॅ. रोहिणी पाटणकर, श्रीमती कीर्ति शर्मा, डाॅ. ऋचा ठाकुर, डाॅ. अम्बरीश त्रिपाठी, ग्रीन आर्मी की रूचि शर्मा तथा छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता दी। 
 
 
 
 

गांधी जयंती पर विभिन्न आयोजन बापू की विचारधारा से विश्व प्रभावित रहा है।

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग द्वारा महात्मा गाँधी जयंती की 150वीं जयंती के अवसर पर तीन दिवसीय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगितायें आयोजित की गई। जिसमें छात्राओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। 
पहले दिन रंगोली एवं मेंहदी प्रतियोगिता आयोजित की गई। रंगोली का विषय लोक संस्कृति एवं महिला सशक्तीकरण पर आधारित था। इसमें कु. ओजस्वी (बी.एससी.-प्रथम) ने प्रथम, मधु (बी.एससी.-द्वितीय) ने द्वितीय तथा वंदना (बी.काॅम.-प्रथम) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। मेंहदी प्रतियोगिता में प्रथम रहीं गरिमा निर्मलकर, (बी.एससी.-प्रथम), विभा सोनी (बी.एससी.-प्रथम) एवं देवकी गायकवाड़ (बी.ए.-द्वितीय) ने द्वितीय स्थान तथा प्रगति देशमुख (बी.एससी.-तृतीय) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 
समारोह का शुभारंभ करते हुये प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने कहा कि बापू की विचारधारा से पूरा विश्व प्रभावित रहा है उन्होनें सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर संपूर्ण विश्व को नई ऊर्जा प्रदान की है। 
दूसरे दिन वाद-विवाद एवं परिचर्चा स्प्पर्धा रखी गई। वाद-विवाद प्रतियोगिता का विषय - ‘‘21वीं सदी के भारत में अहिंसा का विचार ही पूर्णतः प्रासंगिक है’’ इसके पक्ष में प्रथम रही अनामिका झा एवं द्वितीय रही प्रज्ञा मिश्रा तथा विपक्ष में प्रथम मीता डड़सेना एवं द्वितीय करूणा चंद्राकर रहीं। 
वर्तमान विषय में गांधीवादी विचारधारा की प्रासंगिकता विषय पर परिचर्चा में प्रथम स्थान पर रानू टिकरिया, द्वितीय - ख्याति देवांगन एवं तृतीय लक्ष्मी ठाकुर रहीं।
गांधी जयंती के अवसर पर महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा परिसर स्वच्छता कार्यक्रम किया गया। अंतिम दिवस चित्रकला संबंधी स्पर्धायें रखी गई। महात्मा गांधी और स्वतंत्रता आंदोलन पर आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम-फरहीन शेख, द्वितीय आफरीन अली एवं तृतीय स्थान पर आकांक्षा रही ।
स्वच्छता पर आधारित आॅन द स्पाॅट पेंटिंग में सुचिस्मिता दीक्षित प्रथम, द्वितीय-कैसर बानो एवं तृतीय स्थान पर रही आफरीन अली।
क्ले माॅडलिंग में छात्राओं ने महात्मा गांधी के चेहरे को स्वरूप प्रदान किया जिसमें प्रथम स्थान प्राप्त किया कावेरी कुम्भकार ने द्वितीय - मीता डड़सेना एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया रानू टिकरिया ने।
उक्त प्रतियोगिताओं का संचालन डाॅ. रेशमा लाकेश, कु. शबीना, डाॅ. अनुजा चैहान, श्री योगेन्द्र त्रिपाठी, श्रीमती ज्योति भरणे, डाॅ. मिलिन्द अमृतफले, डाॅ. अम्बरीश त्रिपाठी आदि ने किया। कार्यक्रम की संयोजक डाॅ. ऋचा ठाकुर ने बताया कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती में पूरे सत्र विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। 
 
 
 

मतदान की ली शपथ और गरबा के माध्यम से किया प्रेरित


शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग में मतदाता जागरूकता अभियान के तहत आज महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्राओं ने मतदान की शपथ ली। महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने सभी को मतदान की शपथ दिलाई तथा आव्हान किया कि मतदान की सफलता के लिए हमें मतदान के महत्व को सभी तक पहुँचाना है। इस अभियान के तहत महाविद्यालय में रंगोली, पेंटिंग, निबंध एवं भाषण प्रतियोगिता भी आयोजित की गयी है।
महाविद्यालय में आयोजित गरबा स्पर्धा में भी छात्राओं ने मतदान के लिए प्रेरित किया। 
इस वर्ष निर्वाचन में उपयोग हो रही वी.वी. पैट मशीन का भी प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण आयोजित किया जिसे प्राध्यापकों, कर्मचरियों एवं छात्राओं ने सीखा। 
इस अवसर पर मास्टर ट्रेनर डाॅ. कृष्णा चटर्जी, डाॅ. योगेन्द्र त्रिपाठी, डाॅ. व्ही.के. वासनिक, डाॅ. के.एल. राठी ने भी   वी.वी. पेट के संबंध में जानकारी दी। राष्ट्रीय सेवा योजना की छात्राओं ने पदमनाभपुर वार्ड में जागरूकता अभियान के साथ सर्वेक्षण कार्य भी किया। 

 
 
 

गरबा नृत्य स्पर्धा में भारती समूह प्रथम रहा

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग  में देसी डे का आयोजन किया गया। यह आयोजन अपनी संस्कृति को जीवन में ढालने और उस पर गर्व करने के महती उद्देश्य से विगत दो वर्षों से आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर नृत्य विभाग द्वारा गरबा नृत्य प्रतियोगिता रखी गई, जिसमें 16 समूहों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने कहा कि इस तरह के आयोजन से छात्रायें देश की विभिन्न सांस्कृतिक विरासत से परिचित होती है और फिर वे सांस्कृतिक परम्परा की वाहक भी बनती है। प्राचार्य महोदय ने देसी डे के अवसर पर छात्राओं द्वारा भारतीय परिधान के पहनने पर उन्हें साधूवाद दिया। इस दिन छात्राओं ने पाश्चात्य वेशभूषा का पूर्णतः परित्याग किया। बड़ी संख्या में उपस्थित छात्राओं, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों को मतदान के प्रति जागरूक करते हुये उन्हें मतदान की शपथ भी दिलाई गई। गरबा प्रस्तुति करने वाली छात्राओं ने भी मतदान के दिन सभी को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का आग्रह किया। 
नृत्य विभाग की प्राध्यापक डाॅ. ऋचा ठाकुर ने बताया कि भाग लेने वाले सभी समूहों के नाम भारतीय स्वरूप में रखे गये थे। जैसे- नटराज, कांवरिया, गरबावली, मोहिनी, भारती, गरबा रास, शक्ति आदि। स्पर्धा में प्रथम स्थान पर भारती डांडिया समूह, द्वितीय - गरबा रास तथा तृतीय स्थान शक्ति एवं मोहिनी समूह रहा। कड़ी स्पर्धा में प्रथम रहे भारती समूह में प्रिया देवांगन, शीतल निषाद, भारती गुप्ता, यामिनी साहू, चंचल त्रिपाठी, मनीलता, सरस्वती, पोमा यादव, तुलिका साहू, भारती बैरागी।   
प्रतियोगिता के निर्णायक श्वेता नायक, टी.एस. सुनयना एवं राजेन्द्र सुनगरिया थे। 
इस अवसर पर महाविद्यालय की जनभागीदारी अध्यक्ष श्रीमती जयश्री समर्थ एवं  प्राध्यापक एवं छात्रायें बड़ी संख्या में उपस्थित थे। 
 
 
 

महाराजा अग्रसेन मेरिट एवार्ड से सम्मानित

अग्रसेन महोत्सव के अवसर पर अग्रवाल समाज दुर्ग द्वारा आयोजित समारोह में कन्या शिक्षा को प्रोत्साहित करने एवं इस क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता अर्जित करने पर महाविद्यालय की पांच मेघावी छात्राओं को महाराजा अग्रसेन मेरिट एवार्ड से सम्मानित किया गया। इस सम्मान में 5100/- रूपये की नगद राशि के साथ प्रतीक चिन्ह भी प्रदान किया गया। 
महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने इन छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि अग्रवाल समाज कि ऐसी पहल से छात्राओं का उत्साहवर्धन होता है। उन्होनें कहा कि अग्रवाल समाज, दुर्ग लगातार कई वर्षों से महाविद्यालय की छात्राओं को प्रवेश शुल्क, परीक्षा शुल्क और सम्मान निधि के माध्यम से प्रोत्साहित करता रहा है। सम्मानित होने वाली छात्राओं में विज्ञान संकाय से कु. पी. सृष्टि, कला संकाय से कु. विशाखा खण्डेलवाल, गृहविज्ञान संकाय से कु. सीमा सिरमौर, वाणिज्य संकाय से कु. आयसा अली तथा बारहवी की छात्रा कु. प्रियंका सम्मनित की गई। 
महाविद्यालय एवं अग्रवाल समाज के मध्य संयोजक का दायित्व निभाने वाले प्राध्यापक डाॅ. डी.सी.अग्रवाल ने बताया कि अग्रवाल समाज प्रतिवर्ष दुर्ग जिले की विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट अंक पाने वाली छात्राओं को सम्मानित करता है। महारानी माता माधवी की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए केवल छात्राओं को ही ये एवार्ड प्रदान किया जाता है। 
इस वर्ष अग्रसेन जयंती के शुभ समारोह में मुख्य अतिथि जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राधाकिशन अग्रवाल के हाथों ये सम्मान छात्राओं को प्रदान किया गया। अग्रवाल समाज के संरक्षक श्री विजय अग्रवाल एवं अध्यक्ष श्री सुधीर अग्रवाल ने भी इन छात्राओं को बधाई दी है।
 
 
 

सामान्य ज्ञान बढ़ाने अनूठी पहल

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग में छात्राओं में सामान्य ज्ञान एवं समसामयिक जानकारियों से अवगत कराने आई.क्यू.ए.सी. ने नई पहल की है। 
प्रति सप्ताह सोमवार को एक प्रश्न पूछा जाता है जो सामान्यज्ञान, बौद्धिक क्षमता, विज्ञान, सामयिक घटनाओं पर आधारित होता है। 
इसके लिए एक उत्तर बाॅक्स रखा गया है जिसमें छात्रायें शुक्रवार तक अपने उत्तर लिखकर डालती है। प्रति शनिवार को प्राप्त सही उत्तर में से लाटरी द्वारा 3 छात्राओं को पुरस्कार दिए जाते है। इस पहल के पहले चरण में ही छात्राओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की जिसमें कु. रानी नागरा - बी.एससी-1(बायों), कु. मनीषा साहू - बी.ए.-2, कु. शिल्पा चक्रधारी - बी.काॅम.-3 को पुरस्कृत किया गया। उच्च शिक्षा विभाग की संयुक्त संचालक डाॅ. किरण गजपाल ने महाविद्यालय के इन प्रयासों की सराहना की तथा छात्राओं को पुरस्कार प्रदान किये। 
डाॅ. गजपाल ने कहा कि प्रतियोगिता परीक्षाओं में सामान्य ज्ञान का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है इस तरह की स्पर्धाएँ छात्राओं को प्रेरित करती है और उनके अंदर आत्मविश्वास जगाती है। 
महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने छात्राओं के उत्साहवर्धक प्रतियोगिता की प्रशंसा की एवं आगे भी इस तरह के आयोजन करने के लिए निर्देशित किया। 
महाविद्यालय के निरीक्षण के दौरान संयुक्त संचालक डाॅ. किरण गजपाल ने महाविद्यालय में संचालित विभिन्न गतिविधियों को देखा और उन्होनें महत्वपूर्ण सुझाव भी दिये। महाविद्यालय में संचालित आॅनेस्टी काॅर्नर की सुविधाओं की प्रशंसा की तथा इसे छात्राओं के हित में महाविद्यालय द्वारा किये जा रहे प्रयासों को सराहा। 
 
 
 

भाषा-संप्रेषण एवं प्रस्तुति पर व्याख्यान साधना अभ्यास से आती है - डाॅ. चन्द्र कुमार जैन

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग के आई.क्यू.ए.सी. के अन्तर्गत प्रख्यात वक्ता और शासकीय दिग्विजय स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजनांदगांव के हिन्दी प्राध्यापक        डाॅ. चंद्रकुमार जैन का भाषा, संप्रेषण और प्रस्तुति पर रोचक व्याख्यान आयोजित हुआ। डाॅ. जैन ने छात्राओं को बताया कि शब्द तो अपने आप में जड़े होते है उसमें चेतना का प्राण फूँकने वाला तो वक्ता होता है। शब्द केवल शोर और तमाशा नहीं है शब्द तो ब्रम्ह है। भाषा सधी हुई होनी चाहिए और सधी भाषा साधना का काम हैै। साधना अभ्यास से आती है। ‘करत-करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान।’ 
डाॅ. जैन ने कहानी के माध्यम से छात्राआंें को समझाया कि निर्भय होकर अपने आपको पहचानिए और अभिव्यक्ति का कोई भी अवसर न चूकिए। संप्रेषण की अनिवार्य शर्त अच्छा श्रोता बनना होता है। संप्रेषण में वक्ता को विषय की अवधारणा बिल्कुल स्पष्ट होनी चाहिए। विषय और परिवेश के अनुसार स्वर के अनुपात, प्रवाह, आरोह-अवरोह के साथ ही भाव-भंगिमा में परिवर्तन होना जरूरी है। अगर अच्छा बोलना कला है तो उचित अवसर पर बोलना आवश्यक न हो तो खामोश रहना उससे बड़ी कला है। जिसको मुक्तिबोध ने ‘समझदार चुप्पी’ कहा है। अपने कहे को दूसरे की जीवन का अनुभव बना देना तुलसी और कबीर जैसी क्षमता है। जिसके मूल में संप्रेषण की कला है। 
डाॅ. जैन ने सम्प्रेषण की व्यापकता में संकेत, छात्राओं द्वारा परीक्षा में लिखे उत्तर को तथा स्नेह और संवेदना के हाथ को भी शामिल किया। शक्ति, कमजोरी, अवसर और चुनौती के ये चार तत्व व्यक्ति की भाषा, संप्रेषण, कला एवं व्यक्तित्व के विकास में बड़ी भूमिका निभाते है। प्रस्तुति से ही व्यक्तित्व उभरता है। प्रस्तुति चाहे किसी भी माध्यम से क्यों न हो आकर्षक एवं सटीक होना चाहिए।
उन्होनें कहा कि शब्द, भाषा के अनुसार ही भाव-भंगिमा संकेत प्रस्तुति को मुकम्मल बनाती है। डाॅ. जैन ने अपने कविता संग्रह से कुछ पंक्तियों को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया। 
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने छात्राओं को व्यक्तित्व विकास की जीवन में अहमियत समझायी। सरकारी या प्राईवेट नौकरी या जीवन संघर्ष में भाषा और सम्प्रेषण व्यक्ति के सबसे सशक्त और भरोसेमंद हथियार होते है। महाविद्यालय का काम शिक्षा के साथ ही ऐसे कार्यशालाओं के माध्यम से छात्राओं के व्यक्तित्व को विशिष्ट बनाना भी है। 
आई.क्यू.ए.सी. की प्रभारी डाॅ. अमिता सहगल ने आज के आयोजन की सार्थकता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. ऋचा ठाकुर ने किया। इस अवसर पर डाॅ. अनिल जैन, डाॅ. के.एल. राठी,       डाॅ. मीरा गुप्ता, डाॅ. अल्का दुग्गल, डाॅ. मीनाक्षी अग्रवाल, डाॅ. शशि कश्यप, डाॅ. रेशमा लाकेश, डाॅ. यशेश्वरी धु्रव, डाॅ. ज्योति भरणे तथा छात्रायें बड़ी संख्या में उपस्थित थी। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय परिवार की ओर से डाॅ. जैन का शाल एवं श्रीफल से सम्मान किया गया। छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध रचनाकार स्व. लक्ष्मण मस्तूरिया को भावांजली अर्पित की गई। डाॅ. जैन ने ‘मोर संग चलव रे गीत’ प्रस्तुत किया।
 
 
 

वार्षिक स्पर्धाएँ मटर के व्यंजनों ने बिखेरी खुशबू

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग में वार्षिक स्पर्धाएं प्रारंभ हुई। पहले दिन एकल अभिनय, पाककला, गायन, प्रतियोगिताएँ आयोजित की गयी। जिसमें छात्राओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। छात्रसंघ प्रभारी डाॅ. ऋचा ठाकुर ने बताया कि एकल अभिनय में छात्राओं ने ज्वलंत मर्मस्पर्शी विषयों पर प्रस्तुत दी। 
इस प्रतियोगिता में कु. माधुरी नायक बीए भाग-3 ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, कु. विभा कसेर एम.ए. - हिन्दी तथा डिगेश्वरी राजपूत बीए भाग-2 क्रमशः द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर रहीं। 
पाककला स्पर्धा हरे मटर के मीठे एवं नमकीन व्यंजनों पर आधारित थी। जिसमें छात्राओं ने पूरनपूरी, हलुआ, केक, फरा, बर्फी, पेड़ा और मटर के विभिन्न मीठे एवं नमकीन व्यंजनों की प्रस्तुति दी। 
इसमें नमकीन व्यंजनों की श्रेणी में प्रथम स्थान पर कु. तबस्सुम एम.एससी एवं द्वितीय कु. शिल्पी बीए भाग-2, तृतीय कु. शबीना बी.एससी भाग-3 रहीं। मीठे व्यंजन की श्रेणी में बी.एससी गृहविज्ञान की कु. लक्ष्मी एवं काॅजल राठौर प्रथम स्थान पर रहीं।  
एकल गायन प्रतियोगिता में छात्राओं ने खूब शमा बांधा। छत्तीसगढ़ी गीतों के साथ ही गजलों एवं पापुलर गीतों की प्रस्तुति दी। 
जिसमें प्रथम तान्या मण्डारे बीए भाग-2, द्वितीय अपूर्वा माने बी.काॅम. भाग-2 एवं तृतीय स्थान पर उवर्शी शर्मा बी.ए. भाग-1 रहीं। प्रतियोगिताओं का डाॅ. सुनीता गुप्ता, डाॅ. मिलिन्द अमृतफले, डाॅ. बबीता दुबे ने संचालन किया। 
 

मध्य जोन युवा उत्सव में शुचिस्मिता ने जीता कांस्य

आल इंडिया यूनिवर्सिटी के तत्वाधान में संबलपुर (ओड़िसा) में 7 से 11 जनवरी तक आयोजित 34वीं मध्यजोन अंतर विश्विविद्यालयीन युवा उत्सव में शासकीय डाॅ. वा. वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग की बी.ए. भाग-1 की छात्रा कु. शुचिस्मिता दीक्षित ने स्पाॅट पेंटिग स्पर्धा में कांस्य पदक प्राप्त किया। कु. शुचिस्मिता 01 से 5 फरवरी तक चंडीगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करेगीं।
चित्रकला विभाग के प्रो. योगेन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि शुचिस्मिता प्रारंभ से चित्रकला में पारंगत है। वह मूक-बधिर छात्रा है, संकेतों के माध्यम से उसे निर्देश मिलता है और ब्रश से कमाल करती है। इसके पहले भी वह कई प्रतियोगिताएँ जीत चुकी है। 
मध्यजोन युवा उत्सव में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय ने कई विधाओं में हिस्सेदारी की थी। शुचिस्मिता को महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी, वरिष्ठ प्राध्यापक       डाॅ. डी.सी. अग्रवाल, डाॅ. ऋचा ठाकुर ने बधाई दी है।
 
 
 

दुल्हन सजाओ तथा नृत्य स्पर्धा में विभिन्न प्रांतों की संस्कृति की झलक

शासकीय डाॅ. वा. वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग में चल रही वार्षिक स्पर्धाओं के दूसरे दिन रोचक प्रतियोगिताओं में भारत की पारंपरिक संस्कृति को मंच पर प्रस्तुत किया। वहीं लोक संस्कृति की बानगी देखते ही बनती थी। साहित्यिक स्पर्धाओं में नवा छत्तीसगढ़ पर छात्राओं ने विचार रखें। 
दुल्हन सजाओं प्रतियोगिता के अंतिम राउंड में 8 प्रतिभागियों ने पं. बंगाल, बिहार, जम्मू कश्मीर, छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश, गुजरात प्रदेश की दुल्हन वेशभूषा में प्रस्तुति दी। निर्णायक मंडल ने प्रत्येक से उस प्रदेश की परंपरा एवं वेशभूषा से संबंधित प्रश्न भी पूछे। जिसका बड़ी बेबाकी से छात्राओं ने जवाब दिया। 
इसमें प्रथम स्थान पर कु. हर्षा सहारे, बी.ए. भाग-3, द्वितीय स्थान पर निकहत अंजुम एम.ए. एवं तृतीय स्थान पर सिमरन बी.एससी भाग-1 रहीं। 
एकल एवं युगल तथा समूह नृत्य स्पर्धा में बड़ी संख्या में छात्राओं ने भागीदारी की। 
इसमेें भी विभिन्न प्रांतों के पारंपरिक लोकनृत्यों के साथ ही देशभक्ति से ओतप्रोत नृत्य की बानगी देखते बनती थी। छत्तीसगढ़ी नृत्यों ने तो पूरा माहौल संगीतमय कर दिया। लोक परिधान में छात्राओं ने प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी गीतों पर बेहतरीन प्रस्तुति दी। 
सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रभारी डाॅ. ऋचा ठाकुर ने बताया कि इन स्पर्धाओं में विजेता प्रतिभागियों को वार्षिक उत्सव में प्रस्तुति का मौका मिलेगा। साहित्यिक स्पर्धाओं में नवा छत्तीसगढ़ सपने और संभावनाएँ विषय पर आयोजित परिचर्चा में कु. रूचि शर्मा ने प्रथम तथा कु. रानू एवं कु. हिमानी ने क्रमशः द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया। वाद-विवाद प्रतियोगिता जिसमें कु. निकहत अंजुम एवं रानू ने प्रथम स्थान तथा कु. रूचि शर्मा एवं गरिमा सिंह ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। 
आज की स्पर्धाओं में डाॅ. रेशमा लाकेश, डाॅ. मिलिन्द अमृतफले, श्रीमती ज्योति भरणे, डाॅ. तृप्तिबाला एवं किरण वर्मा ने संयोजन एवं संचालन किया। कार्यक्रम में प्राध्यापकगण एवं छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित थी। 

विभिन्न प्रांतों की संस्कृति की झलक 
 
 
 

राज्य स्तरीय निबंध लेखन में भूमिका प्रथम

शासकीय डाॅ. वा. वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग की एम.ए. (अर्थशास्त्र) की छात्रा कु. भूमिका तिवारी ने राज्य स्तरीय महाविद्यालयीन निबंध लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजनांदगांव द्वारा महंत राजा दिग्विजय दास स्मृति राज्य स्तरीय अन्र्तमहाविद्यालयीन निबंध स्पर्धा आयोजित की गयी थी। 
‘‘छत्तीसगढ़ी लोक परंपराएँ और लोकजीवन’’ विषय पर आधारित निबंध स्पर्धा में प्रदेश भर के महाविद्यालयों से 63 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। 
विगत दिनांक घोषित परिणाम में कु. भूमिका तिवारी के निबंध को प्रथम घोषित किया गया। इन्हें 7000/- रूपये का नगद पुरस्कार तथा प्रशस्ति पत्र मिलेगा।
भूमिका की उपलब्धि पर महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी तथा वरिष्ठ प्राध्यापक डाॅ. डी.सी. अग्रवाल तथा प्राध्यापकों ने बधाई दी है। 
 
 
 

गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की रही धूम

शासकीय डाॅ. वा. वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग का वार्षिक स्नेह सम्मेलन शहर विधायक श्री अरूण वोरा के मुख्य आतिथ्य एवं भिलाई नगर के विधायक एवं महापौर श्री देवेन्द्र यादव की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। 
इस वर्ष का स्नेह सम्मेलन ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ की पृष्ठभूमि में आयोजित किया गया। 
अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि अरूण वोरा ने कहा कि कन्या शिक्षा के क्षेत्र में इस महाविद्यालय की अलग पहचान है। यहाँ की छात्राओं ने पढ़ाई-खेलकूद के क्षेत्र में शहर का गौरव बढ़ाया है। महाविद्यालय के विकास में कोई कमी नहीं आयेगी हम सब मिलकर इसके लिए हमेशा तत्पर रहेंगे। 
उन्होनें कहा कि जिस लक्ष्य तक हम जाना चाहते है उसे पूरा करें और अपने माता-पिता और महाविद्यालय का गौरव बढ़ायें। 
कार्यक्रम के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि छात्राएँ राष्ट्रशक्ति का प्रतीक है। युवा वर्ग ही देश के विकास का मूल है। शासन की विभिन्न योजनाएँ विशेषकर युवा वर्ग के लिए बनायी जा रही है जिसके लिए युवा वर्ग को संकल्पित होना है कि वे नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने में आगे आएगें। हमारा देश विकासशील से विकसित तभी होगा जब महिला शक्ति प्रधान होगी। 
कन्या महाविद्यालय के विकास के लिए शासन स्तर पर सभी सार्थक प्रयास होगें और यह महाविद्यालय पूरे प्रदेश का गौरव रहेगा। 
प्रारंभ में महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होनें उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम और क्रीड़ा के क्षेत्र में महाविद्यालय की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए विज्ञान प्रयोगशाला भवन की महती आवश्यकता बतलाई। 
छात्रसंघ अध्यक्ष कु. तबस्सुम ने भी अपनी बात रखते हुए अतिथि द्वय से महाविद्यालय की कुछ समस्याओं के निदान का अनुरोध किया। 
कु. तबस्सुम ने महाविद्यालय में शिक्षकों की कमी तथा मूर्तिकला पाठ्यक्रम को विश्वविद्यालय द्वारा अभी तक संबद्धता प्रदान नहीं किए जाने का जिक्र किया। 
इस अवसर पर स्नातक एवं स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष की परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं को प्रावीण्यता पदक एवं प्रमाणपत्र से अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। 
क्रीड़ा के क्षेत्र में कु. मेघा सिंह को शहीद कौशल यादव खेल अलंकरण मिलने पर सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना में उत्कृष्ट कार्य करने के लिये कु. रूचि शर्मा, सांस्कृतिक में विभा कसेर, कैम्पस एम्बेसडर प्रज्ञा मिश्रा, यूथ रेडक्राॅस हेतु कु. वेदिका देवांगन को सम्मानित किया गया। 
महाविद्यालय के प्राध्यापक डाॅ. के.एल. राठी एवं डाॅ. निसरीन हुसैन की किताबों का विमोचन किया गया। 
छात्रसंघ की गतिविधियों पर प्रकाशित ‘हमर काॅलेज’ पत्रिका का भी विमोचन हुआ। 
कार्यक्रम का संचालन छात्रसंघ प्रभारी डाॅ. ऋचा ठाकुर ने किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने देर शाम तक शमा बांधे रखा। अर्पणाशास्त्री की भरतनाट्यम प्रस्तुति देवी स्तुति तथा विभा कसेर और भारती साहू की प्रस्तुति अर्धनारीश्वर से कार्यक्रम की शुरूआत हुई। 
ज्योति साहू के समूह ने तोर मया के मारे समूह नृत्य ने खूब तालियाँ बटोरी वहीं ‘वतन है हमारा’ और मोह-मोह के धागे गीतों ने भी खूब शमा बांधा। 
डिकेश्वरी राजपूत और माधुरी नायक के सामयिक एकल अभिनय ने बेहतर प्रस्तुति दी। 
हर्षा सहारे और गरिमा साहू तथा प्रीति वर्मा, भजंति नायक के समूह नृत्य की खूब तारीफ हुई, पायल, पिंकी की काॅमेडी फ्यूजन ने खूब हंसाया। 
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की लंबी श्रंृख्ला रहीं अंत में भांगडा ने सभी छात्राओं को नाचने के लिए मजबूर कर दिया। छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में एक से बढ़कर एक प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। 
अंत में छात्रसंघ के पदाधिकारियों ने आभार प्रदर्शन किया। 
 
 
 
 

प्रधानमंत्री के संबोधन से छात्राएँ अभिभूत हुई

शासकीय डाॅ.वा.वा.पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के परीक्षा फोबिया से बचने के लिये दिये गये टिप्स से छात्रायें अभिभूत हुई। डिप्रेशन से संबंधित प्रश्न पर पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत की जो मूलभूत समाज रचना है उसमें इस तनाव को दूर करने की सहज व्यवस्था है। शिक्षा व्यवस्था पर प्रधानमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था एक दिन में तैयार नहीं होती हजारों सालों की मेहनत और यात्रा के बाद शिक्षा व्यवस्था यहाँ तक पहुँची है। उन्होनें कहा कि अनुशासन हमारे सिलेबस में नहीं होता लेकिन उसका पालन किया जाता है। 
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि शिक्षा की हर पहलू को जिंदगी से जोड़ने की आदत होनी चाहिए। 
महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं छात्रायें इस अवसर पर उपस्थित थे। 
 
 
 

वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह समय प्रबंधन से मिलती है मंजिल - डाॅ. लक्ष्मी धु्रव

शासकीय डाॅ. वा. वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग के वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि विधायक डाॅ. लक्ष्मी धु्रव ने छात्राओं को आव्हान किया कि नारी शक्ति जब सशक्त, संगठित और जागरूक होगी तब हमारा देश विश्व में सर्वशक्तिमान होगा। उन्होनें कहा कि समय का प्रबंधन सही हो तो हमारी सफलता निश्चित होगी। 
नारी सशक्तिकरण और आधी-आबादी के विकास की चर्चा करते हुए उन्होनें शिक्षकीय जीवन से राजनीति में प्रवेश के संस्मरण बताए। उन्होनें लक्ष्य के निर्धारण को महत्वपूर्ण बताया। 
समारोह में महाविद्यालय परिवार की ओर से डाॅ. लक्ष्मी धु्रव का शाॅल और श्रीफल से सम्मान किया गया। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि अंतर्राष्ट्रीय बाॅस्केट बाॅल खिलाड़ी तथा उपपुलिस अधीक्षक         श्रीमती अनामिका जैन थी। श्रीमती जैन महाविद्यालय की पूर्व छात्रा है। उन्होनें छात्राओं से कहा कि खेल के साथ-साथ अध्ययन भी उतनी ही लगन से होना चाहिए। क्रीड़ा और पढ़ाई में संतुलन जरूरी है। उन्होनें सोशल मीडिया के कारण समय के व्यर्थ जाने पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हम समय सारणी बनाये जिसमें मोबाईल के उपयोग के लिए भी समय निश्चित करें। 
महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने इस अवसर पर कहा कि हमारी दोनों प्रतिभाशाली अतिथि छात्राओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। दोनों ने ही मेहनत व ईमानदारी से लक्ष्य के प्रति समर्पण से सफलता पायी है। 
क्रीड़ा के क्षेत्र में महाविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए क्रीड़ाधिकारी डाॅ. ऋतु दुबे ने महाविद्यालय की 30 प्रतिभाशाली खिलाड़ी छात्राओं को मुख्य अतिथि के द्वारा पुरस्कार दिलाये। जिला स्तरीय अंतर्महाविद्यालयीन 05 खेलों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली महाविद्यालय की टीम को पुरस्कार प्रदान किये।  
समारोह में महाविद्यालय की दिवंगत छात्रा गरिमा सक्सेना के अभिभावक श्री विनय सक्सेना भी उपस्थित थे। उन्होनें अपनी पुत्री की स्मृति में नृत्य स्पर्धा के प्रतिभागियों को पुरस्कार दिया। पुरस्कार वितरण समारोह में क्रीड़ा, सांस्कृतिक, साहित्यिक प्रतिस्पर्धाओं में विशिष्ट प्रतिभाशाली छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। 
पुलवामा में शहीद हुए नौजवानों को मौन श्रद्धांजली भी अर्पित की गयी। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. ऋतु दुबे एवं डाॅ. ऋचा ठाकुर ने किया।  
 
 
 
 

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सत्र 
2017-18

‘‘माटीशिल्प एवं पेपर मैशे’’ कार्यशाला  

  
शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में तीन दिवसीय माटीशिल्प कार्यशाला 17, 18 एवं 19 अगस्त 2017 को आयोजित की गई है। जिसमें इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ एवं भिलाई के प्रशिक्षक मिट्टी से गणेश प्रतिमाएं तथा अन्य कलाकृतियाँ बनाना सिखाएगें। मिट्टी के गणेश को प्राकृतिक रंग से रंगना तथा इकोफ्रेंडली साज-सज्जा पर प्रशिक्षक छात्राओं को जानकारी देगें। 

महाविद्यालय के चित्रकला विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. योगेन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि दिनांक 22, 23 एवं 24 अगस्त को पेपर मैशे कार्यशाला होगी जिसमें ललित कला अकादमी क्षेत्रीय कार्यालय, भुवनेश्वर के प्रशिक्षक पेपर की लुग्दी से विभिन्न कलाकृतियों के निर्माण का प्रशिक्षण देगें। 

डाॅ. त्रिपाठी ने बताया कि बस्तर की तरह उड़ीसा की भी सांस्कृतिक कला धरोहर से हमारे विद्यार्थी परिचित हो सकेगें। इस कार्यशाला में जिले के अन्य महाविद्यालयों की छात्राएँ भी हिस्सा लेगीं। 

महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने कहा कि कार्यशाला के माध्यम से छात्राएँ अपनी प्रतिभा दिखाएंगी वहीं उन्हें कम खर्चे में कलात्मक साज-सज्जा की कृतियों का निर्माण सीखने का अवसर मिलेगा। कार्यशाला पूर्णतः निःशुल्क है।
 
 
 

स्वाधीनता दिवस बिखेरे आजादी के रंग और गूंजा ऐ मेरे वतन का गीत

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में स्वाधीनता दिवस के अवसर पर प्रातः महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने ध्वाजा रोहण किया। स्वतन्त्रता दिवस के उपलक्ष्य में विविध आयोजन किए गए। ‘‘आजादी के रंग’’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता में छात्राओं ने आजादी पर्व को अपने ब्रश से रेखांकित किया। जिसमें बी.काॅम. भाग-1 की कु. सुचि स्मिता दीक्षित ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, कु. आफरीन अली एवं कु. रेशमा बंजारे ने क्रमशः द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया। 

इस अवसर पर आयोजित देशभक्ति गीत प्रतियोगिता में छात्राओं ने ऐ मेरे वतन के लोगो......., सारे जहां से अच्छा......, वंदेमातरम जैसे देशभक्ति के गीत प्रस्तुत किए। 

इस प्रतियोगिता में कु. राजेश्वरी ने प्रथम स्थान तथा कु. गरिमा सिंह, एवं कु. प्रिया वर्मा ने क्रमशः द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम का संचालन संगीत विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. मिलिन्द अमृतफले ने किया। 

महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने छात्राओं को बधाई दी। इस अवसर पर प्राध्यापकगण एवं छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित थे। 
 
 
 

माटी शिल्प कार्यशाला प्रारंभ

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में तीन दिवसीय माटी शिल्प कार्यशाला का आज शुभारंभ हुआ। 
महाविद्यालय के चित्रकला विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में इको फ्रेंडली गणेश प्रतिमाएँ बनाने का प्रशिक्षण छात्राओं को दिया जा रहा है। कार्यशाला के संयोजक डाॅ. योगेन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के प्रशिक्षक श्री धरम नेताम, श्री हेमचंद साहू तथा श्री राजेन्द्र सुनगरिया छात्राओं को मिट्टी से प्रतिमा बनाने का प्रशिक्षण दे रहे है। प्रतिमाओं को प्राकृतिक रंगों से रंगा जावेगा। शुभारंभ अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने कार्यशाला की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। 
इस अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डाॅ. डी.सी. अग्रवाल, सुप्रसिद्ध फिल्मकार श्री तुषार वाघेला तथा प्राध्यापकण उपस्थित थे। संचालन डाॅ. ऋचा ठाकुर ने किया। 
 
 
 

पेपर मैशे कार्यशाला प्रारंभ

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में तीन दिवसीय ‘‘पेपर मैशे’’ कार्यशाला आज प्रारंभ हुई। ललित कला आकदमी भुनेश्वर (ओड़िसा) के सौजन्य से आयोजित इस कार्यशाला में रघुराजपुर (ओड़िसा) के कलाकार प्रशिक्षण देने के लिए आए हुए है। ललित कला अकादमी के सचिव श्री रामकृष्ण वेदाला ने जानकारी दी कि पेपर मैशे से बेहतरीन कलाकृतियाँ बहुत ही कम खर्चे में एवं कम समय में बनायी जाती है। यह कला विश्व के कई देशों में प्रचलित है जिसे हम भारत के विभिन्न प्रदेशों में प्रचारित एवं प्रसारित कर रहे है। अकादमी के अधिकारी श्री केदार एवं बाबा राणा ने कार्यशाला की भूमिका की चर्चा की। 
संयोजक एवं चित्रकला विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. योगेन्द्र त्रिपाठी ने पेपर मैशे के संबंध में जानकारी दी। महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए ओड़िसा से आये प्रशिक्षकों का स्वागत किया तथा छात्राओं को हमारी सांस्कृतिक धरोहर को सीखने एवं आगे बढ़ाने का आव्हान किया। 
कार्यशाला में रघुराजपुर से आए प्रशिक्षक कविता महाराणा, सोनाली महाराणा एवं प्रभाकर ने छात्राओं को विभिन्न कलाकृतियों के बनाने का तरीका सिखाया। 
संचालन डाॅ. ऋचा ठाकुर ने किया। 
 
 
 

विधिक साक्षरता पर व्याख्यान आयोजित

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग के वाणिज्य विभाग द्वारा प्राचार्य, डाॅ. एस.सी. तिवारी के मार्गदर्शन में विधिक साक्षरता पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री सत्येन्द्र साहू, न्यायाधीश दुर्ग एवं श्री विवेक तिवारी न्यायाधीश दुर्ग थे। श्री विवेक तिवारी ने छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि उन्हें हर स्तर पर कानून की जानकारी होनी चाहिए।
कानून की अनभिज्ञता डर को पैदा करती है जिससे हम गलत बातों का विरोध नहीं कर पाते। उन्होनें बताया कि छेड़छाड़ तथा पीछा करना, अभद्र टिप्पणी करना भी कानूनन अपराध है तथा इसमें  गैर-जमानती सजा हो सकती है। 
श्री सत्येन्द्र साहू ने छात्राओं से कहा कि वे हर स्तर पर एवं हर समय जागरूक रहें। अमान्य संस्थाओं से डिग्री प्राप्त न करें। उन्होनें मानवीय एवं मौलिक अधिकारों को समझाया। लोक सेवा गारंटी के नियमों से अवगत कराया। दहेज प्रताड़ित नियमों के बारे में बताया तथा छात्राओं से निवेदन किया कि ज्ञान को हमेशा बढ़ाते रहें ताकि वे अपने को परेशानियों से बचा सके। विधि का ज्ञान हमें अनेकों समस्याओं से मुक्ति दिला सकता है। नये कानून के अनुसार बेटी को भी पैतृक सम्पत्ति में बराबर की हिस्सेदारी सुनिश्चित की गई है।  
एम.काॅम. तृतीय सेमेस्टर की छात्रा कु. रूचि शर्मा एवं अन्य छात्राओं ने न्यायाधीशों से कुछ प्रश्न भी पूछे जिसका उत्तर बहुत अच्छे से समझाते हुए न्यायाधिशों ने दिया। 
कार्यक्रम का संचालन विभागाध्यक्ष डाॅ. के.एल.राठी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डाॅ. शशि कश्यप द्वारा किया गया। इस अवसर पर डाॅ. व्ही.के.वासनिक, प्रियंका, पिंकेश्वरी एवं नेहा आदि उपस्थित थे।
 
 
 

शिक्षक दिवस पर शिक्षकों का सम्मान

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग में शिक्षक दिवस पर शिक्षकों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने सत्र 2016-17 के उत्कृष्ट परीक्षाफल के लिए शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
अपने उद्बोधन में प्राचार्य डाॅ. तिवारी ने कहा कि आज का दिन हम शिक्षकों के लिए आत्ममूल्यांकन का दिन है। जब हम देखे कि कर्तव्य की कसौटी पर हम कितना खरे उतरे है। हमारे विद्यार्थी हमारे अध्यापन से मार्गदर्शन से कितने संतुष्ट है। 
इस अवसर पर वरिष्ठ प्राध्यापक डाॅ. डी.सी.अग्रवाल ने कहानियों के माध्यम से शिक्षकों के महत्व को बतलाया। 
महाविद्यालय में इस वर्ष बी.ए. अंतिम में सर्वाधिक अंक प्राप्त छात्रा कु. अनामिका झा ने कविता पाठ किया। महाविद्यालय की पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कु. रूचि शर्मा को जेण्डर चैम्पियन का बैच लगाकर स्वागत किया। 
कार्यक्रम का संचालन डाॅ. ऋचा ठाकुर ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक उपस्थित थे। 
 
 
 

कॅरियर लाॅन्चर के द्वारा प्रश्न मंच प्रतियोगिता

शासकीय डाॅ.वा.वा.पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग के वाणिज्य विभाग में कॅरियर लाॅन्चर संस्थान के द्वारा फन्पर्् ब्व्डच्म्ज्प्ज्प्व्छ  का आयोजन किया गया ।
इस अवसर पर प्रभारी प्राचार्य डाॅ.डी.सी.अग्रवाल एवं वाणिज्य विभागाध्यक्ष डाॅ.के.एल.राठी ने छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। कॅरियर लाॅन्चर के श्री अनुपंम रघुवंशी ने छात्राओं को फन्पर्् ब्व्डच्म्ज्प्ज्प्व्छ  के संबंध में जानकारी देते हुए बताया की यह प्रतियोगिता चार चरणों में आयोजित प्रथम चरण में विभिन्न महाविद्यालय में परीक्षा आयोजित कि जाएगी। द्वितीय चरण में विभिन्न महाविद्यालय से चयनित अधिकतम अंक वाले छात्र-छात्राओं की पुनः परीक्षा ली जाएगी तृतीय चरण भोपाल में आयोजित होगा, जहां छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश से चयनित छात्र-छात्राओं की परीक्षा ली जाएगी एवं अंतिम व चतुर्थ चरण दिल्ली में आयोजित होगी एवं विजेता को 1,00,000 -/ रुपये की ईनाम राशि प्रदान की जाएगी।
इस प्रतियोगिता में हमारे महाविद्यालय की 70 छात्राओं ने भाग लिया। इस परीक्षा परिणाम की घोषणा 15 दिन पश्चात की जाएगी एवं चयनित छात्राओं को द्वितीय चरण में भेजा जाएगा। इस कार्यक्रम में वाणिज्य विभाग के डाॅ.वी.के.वासनिक, डाॅ.शशि कश्यप, कु. नेहा यादव, कु.पिंकेश्वरी साहू एवं प्रिंयका आदि उपस्थित थे।
 
 
 

प्रधानमंत्री के संबोधन से छात्राएँ अभिभूत हुई

शासकीय डाॅ.वा.वा.पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग में आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ऊर्जावान राष्ट्र संकल्प से सिद्धि की ओर का उद्बोधन शिक्षकों एवं छात्राओं ने दूरदर्शन के माध्यम से सुना।
प्रधानमंत्री के ऊर्जावान संबोधन एवं आव्हान से छात्राएँ अभिभूत हो गई। 
महाविद्यालय की जेंडर चैम्पियन एवं पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रूचि शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री जी ने कहा कि नारी का सम्मान करने वालो को मेरा नमन उससे हम सभी गौरवान्वित हुए। वे कहती है कि प्रधानमंत्री जी के स्वच्छता संदेश तथा कौशल विकास के जरियें युवाओं को सुयोग्य बनाने का आव्हान प्रेरणादायी रहा।
एम.ए. की कु. निकता पाण्डे कहती है कि प्रधानमंत्री जी ने जब कहा कि असफलता ही सफलता का मुख्य आधार होता है तो मुझे काफी प्रेरणास्पद लगा। महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने प्रधानमंत्री जी के युवा पीढ़ी के आव्हान को चिरस्मरणीय एवं प्रेरणादायक बताया। 
इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्राध्यापक एवं छात्राएँ उपस्थित थे। 
 
 
 

एकात्म मानववाद आज का दर्शन है

‘एकात्म मानववाद के राह पर चलकर ही भारत अपने गौरव को विश्व में पुनः प्रतिष्ठित कर पाएगा। पं. दीनदयाल उपाध्याय का जीवन एवं उनके द्वारा प्रतिपादित एकात्म मानववाद का दर्शन ही भविष्य की चुनौतियों से टकराने में मार्ग प्रशस्त करेगा। ये बातें शासकीय डाॅ. वा0वा0 पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग द्वारा पं. दीनदयाल उपाध्याय जन्मशती समारोह के अवसर पर आयोजित व्याख्यान में मुख्य वक्ता के रूप में उपकार चन्द्राकर ने कही। उन्होनें पूर्व राष्ट्रपति माननीय अब्दुल कलाम जी को याद करते हुए भारतीय पौराणिक एवं ऐतिहासिक ग्रन्थों में छुपे उन वैज्ञानिक संकेतों तथा रहस्यों की चर्चा की जिन्हें आज पश्चिमी सभ्यता अपना बताकर हमें दीन-हीन दिखाने का प्रयत्न करता है। 
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय प्राचार्य डाॅ.सुशील चन्द्र तिवारी ने इस समारोह के विविध आयोजनों को रेखांकित करते हुए इस व्याख्यान के महत्व पर प्रकाश डाला। व्याख्यान के दूसरे वक्ता डाॅ. अम्बरीश त्रिपाठी ने एकात्म मानववाद की प्रासंगिकता स्पष्ट करते हुए इस दर्शन की बारीकियों से विद्यार्थियों को रू-ब-रू कराया। एकात्म मानववाद के मूल में स्थिति व्यष्टि और समष्टि से आगे बढ़कर ब्रम्हष्टि की स्थापना को महत्व देते हुए आध्यात्मिकता को आज अधिक समीचिन बताया। इस कार्यक्रम की संचालक डाॅ. ऋचा ठाकुर ने किया।  
 
 
 

रंगोली प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित

शास.डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में ‘‘रंगोली’’ प्रशिक्षण हेतु दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। रंगोली के सुप्रसिद्ध प्रशिक्षक श्री वीरेन्द्र कुमार मेहरा (बिट्टू) ने छात्राओं को विभिन्न प्रकार की रंगोली बनाने का आसान तरीका बताया। 
श्री मेहरा ने प्राकृतिक दृश्यों को रंगोली के माध्यम से बड़े ही खूबसूरती से उकेरा। सूर्योदय एवं सूर्यास्त के मनोरम दृश्यों को रंगोली के माध्यम से देखकर सभी ने प्रशंसा की। संयोजक डाॅ. रेशमा लाकेश ने छात्राओं की बड़ी संख्या में रंगोली सीखने की ललक की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह हमारी सांस्कृतिक पारंपरिक धरोहर है जिससे छात्राओं को परिचित कराना हमारा कत्र्तव्य है। 
इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्राओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
 
 
 

पं. दीनदयाल जन्मशती समारोह आयोजित पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचार नये भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण है:- चंद्रिका चंद्राकर

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 15 सितम्बर से आयोजित पं. दीनदयाल उपाध्याय जन्मशती समारोह का समापन विभिन्न प्रतियोगिताओं के पुरस्कार वितरण के साथ हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि दुर्ग की महापौर श्रीमती चन्द्रिका चंद्राकर थी। इस अवसर पर पं. दीनदयाल उपाध्याय के जीवन दर्शन प्रदर्शनी आयोजित की गई। छात्राओं को पं. दीनदयाल उपाध्याय की जीवनी से परिचित कराया गया तथा नवीन भारत के निर्माण का संकल्प भी दिलाया गया। 

महाविद्यालय में आयोजित निबंध, भाषण, वाद-विवाद, चित्रकला, संगीत एवं नृत्य स्पर्धाओं में विजयी छात्राओं को महापौर ने पुरस्कृत किया। 

अपने उद्बोधन में उन्होनें पं. दीनदयाल के जीवन के आदर्श मूल्यांे को प्रासंगिक बताते हुए कहा कि सरकार भी उनमें एकात्म मानववाद पर अनुसरण करते हुए विभिन्न योजनाएँ क्रियान्वित भी है। 

महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील वन्द्र तिवारी ने पंडित उपाध्याय के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला तथा सबका साथ सबका विकास की शासन की नीति को पंडित जी के आदर्शाें एवं दर्शन पर आधारित बताया जो हर वर्ग के हित में सफलता पूर्वक संचालित है। कार्यक्रम संचालन डाॅ. ऋचा ठाकुर ने किया। इस अवसर पर पार्षद श्रीमती अल्का बाघमार तथा महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित थी। 
 
 
 

गरबा की धूम

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में नृत्य विभाग के तत्वाधान में ‘‘देशी डे’’ का आयोजन किया गया। इससे गरबा नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की गई।
सभी छात्राएँ देशी परीधान में रंग-बिरंगे वेशभूषा में उत्साह से शामिल हुई। स्पर्धा में 20 टीमों ने हिस्सा लिया इन टीमों में नामकरण भारतीय संस्कृति को दर्शाता है जिनमें रंगायन, नृत्य ग्रुप, तितली, मधुबन, सुरसंगम, रास रंगीलो, शारदा, नवरंग आदि प्रमुख हैै।
छात्राओं के समूहों ने एक से बढ़कर एक गरबा नत्य प्रस्तुत किया जिससे पूरा माहोल नवरात्रि उत्सवमय हो गया। 
इस अवसर पर मुख्य अतिथि महापौर श्रीमती चंद्रिका चंद्राकर थी जिन्होनें छात्राओं की प्रतिभा को सराहना की तथा उन्हें पुरस्कृृत किया स्पर्धा में ‘‘भारतीय डांडिया ग्रुप ने प्रथम तथा देशी गल्र्स समूह ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम में डाॅ. योगेन्द्र त्रिपाठी, डाॅ. अम्बरीश त्रिपाठी, डाॅ. के.एल.राठी ने संयोजन किया।  
कार्यक्रम का संचालन डाॅ. ऋचा ठाकुर ने किया। आभार प्रदर्शन छात्रसंघ अध्यक्ष कु. सुमन कुशवाहा ने किया। 
 

राज्योत्सव उपलक्ष्य में अग्रसेन वेलफेयर ट्रस्ट का किया गया सम्मान

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग में राज्योत्सव के अवसर पर आयोजित समारोह में स्थानीय महाराजा अग्रसेन वेलफेयर ट्रस्ट को सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि विगत 3 वर्षों से ट्रस्ट के द्वारा माता माधवी बालिका सहायता योजना के अन्तर्गत आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं की शिक्षा के लिए प्रवेश शुल्क एवं परीक्षा शुल्क की राशि महाविद्यालय को प्रदान की जाती है। इस सत्र में ट्रस्ट के द्वारा 51 छात्राओं को प्रवेश शुल्क की राशि के साथ ही काॅलेज बैग एवं पाठ्य सामग्री प्रदान की गई है। 
समारोह में प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने अग्रसेन वेलफेयर ट्रस्ट के चेयरमेन श्री विजय अग्रवाल को प्रशस्ति-पत्र भेंट किया। प्राचार्य डाॅ. तिवारी ने ट्रस्ट के सभी पदाधिकारियों को सम्मनित करते हुए कहा कि कन्या शिक्षा के क्षेत्र में यह अनुकरणीय पहल है। महाविद्यालय की छात्राओं को ट्रस्ट द्वारा समय-समय पर सहयोग प्रदान किया जाता है जिसके लिए महाविद्यालय परिवार अनुग्रहित है।
डाॅ. तिवारी ने बताया कि महाविद्यालय के शिक्षकों द्वारा मिनीमाता उत्थान समिति के माध्यम से भी छात्राओं को मदद दी जाती है वही सरस्वती पुस्तक योजना के माध्यम से पुस्तकें उपलब्ध करायी जा रही है। 
अपने उद्बोधन में ट्रस्ट के चेयरमेन विजय अग्रवाल ने कहा कि हम माता माधवी बालिका सहायता योजनांतर्गत उच्च शिक्षा में छात्राओं को किसी प्रकार की बाधा न आने पाये एवं वे शिक्षा से वंचित न होने पाये इसका भरसक प्रयास करते है और आगे भी कन्या शिक्षा के लिए ट्रस्ट समर्पित रहेगा। उन्होनंे कहा कि अगले सत्र से 100 छात्राओं को इसका लाभ मिलेगा। 
महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डाॅ. डी.सी. अग्रवाल ने कहा कि माता माधवी योजना अपने आप में एक मिसाल है। बहुत सी छात्राएं आर्थिक अभाव के कारण आगे की पढ़ाई जारी नहीं कर पाती है वहीं परीक्षा शुल्क की राशि जमा करने भी असमर्थ होती है। ट्रस्ट के माध्यम से उनकी मदद हो जाती है। 
इस अवसर पर अग्रसेन वेलफेयर ट्रस्ट के श्री रेखचंद अग्रवाल, कमल रूंगटा, महेन्द्र सक्सेरिया, राधेश्याम अग्रवाल, गौरीशंकर अग्रवाल, कैलाश रूंगटा भी उपस्थित थे।
समारोह में 51 छात्राओं  को जिनका प्रवेश शुल्क ट्रस्ट द्वारा प्रदान किया गया उन्हें काॅलेज बैग एवं पाठ्य सामग्री प्रदान की गयी। इस वर्ष अग्रसेन जयंति के अवसर महाविद्यालय की चार मेधावी छात्राओं कु. रूपाली अलसारे, कु. अनामिका झा, कु. लीना साहू, कु. तबस्सुम को 5100/- रूपये एवं स्मृतिचिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया। 
छात्रसंघ अध्यक्ष कु. सुमन कुशवाहा एवं उपाध्यक्ष कु. रूपाली अलसारे ने भी अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्राध्यापक, कर्मचारी एवं छात्राएँ उपस्थित थी। कार्यक्रम का संचालन    डाॅ. ऋचा ठाकुर ने किया तथा आभार प्रदर्शन कु. रूचि शर्मा ने किया। 
 

महिलाओं के विधिक अधिकार पर व्याख्यान

 शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग के वुमेन सेल द्वारा विधिक सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत भारतीय कानून एवं महिलाओं के न्यायिक अधिकार पर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया जिसके मुख्य वक्ता श्री ज्योतिन्द्रनाथ ठाकुर (सहायक महप्रबन्धक) भिलाई इस्पात संयंत्र थे। महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी जी ने बताया कि, ‘राष्ट्रीय महिला आयोग’ द्वारा महिलाओं के विधिक अधिकारों पर राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है जिसमें महाविद्यालय की छात्राओं हेतु इस संबंधी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाना है। छात्राओं को अपने विधिक अधिकारों की जानकारी के लिये इस व्याख्यान को रखा गया है। उन्होनें कहा कि अपने अधिकार और कत्र्तव्य दोनों के प्रति सजगता आवश्यक है। 
अतिथि वक्ता श्री ज्योतिन्द्रनाथ ठाकुर ने छात्राओं के सर्वप्रथम भारतीय लोकतंत्र प्रणाली, नीति, मूल अधिकारों के विषय में बताया। महिलाओं के विधि अधिकारों के अंतर्गत दहेज उन्मूलन घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर शोषण, नवजात बच्चों की देखभाल हेतु मिलने वाली सुविधा आदि का विस्तृत वर्णन करते हुये उनसे संबंधित एक्ट का भी उल्लेख किया। श्री ठाकुन ने कहा कि कानून सर्वोपरि है और उसकी दृष्टि में सब एक समान है। पावर पांइट के द्वारा प्रस्तुति के साथ ही उन्होनें छात्राओं की शंका का भी समाधान किया। छात्रसंघ अध्यक्ष सुमन कुशवाहा ने कहा कि इस व्याख्यान से छात्राओं को अपने न्यायिक अधिकारों का विस्तार से पता चला। जेण्डर चैम्पियन रूचि शर्मा ने कहा इस जानकारी से राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा निर्देशित परीक्षा में लाभ मिलेगा। 
कार्यक्रम का संचालन डाॅ. ऋचा ठाकुर एवं आभार प्रदर्शन वरिष्ठ प्राध्यापक डाॅ. डी.सी.अग्रवाल ने किया। 

 
 
 

महिला विधिक अधिकार प्रतियोगिता

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग में राष्ट्रीय महिला आयोग के तत्वाधान में महिला विधिक अधिकार प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस विषय पर लिखित परीक्षा आयोजित की गयी। जिसमें वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे गये। 
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय महिला आयोग ने विधिक अधिकारों से छात्राओं को परिचित कराने एवं महिलाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर पर अभियान प्रारंभ किया गया है। जिसमें विषय विशेषज्ञों के व्याख्यान के जरिए विधिक जागरूता के आयोजन किए जा रहे है। महाविद्यालय में भी विधि के जानकार श्री ज्योतिन्द्र नाथ ठाकुर ने विगत दिनों पाॅवर प्वाईंट के जरिए छात्राओं को विधिक अधिकारों पर सारगर्भित जानकारी दी। प्रश्नोत्तरी के माध्यम से छात्राओं ने प्रश्न पूछकर अपनी जानकारी बढ़ाई। 
आज की लिखित परीक्षा में स्नातकोत्तर स्तर की लगभग 200 छात्राओं ने भाग लिया। 
परीक्षा में भारतीय संविधान, घरेलु हिंसा, निजता, दहेज एवं संपत्ति, मातृत्व अवकाश, दत्तक शिक्षु, मूल अधिकार, महिला आयोग, कार्यस्थल में यौन उत्पीड़न शिकायत आदि से संबंधित विधिक जानकारी के प्रश्न पूछे गये थे। छात्राओं ने उत्साह से इसमें हिस्सेदारी की।
कार्यक्रम की संयोजक डाॅ. ऋचा ठाकुर ने बताया कि इस परीक्षा में आयोग द्वारा पुरस्कार दिया जावेगा तथा प्रतिभागी छात्राओं को प्रमाण पत्र दिए जावेगें। 
 
 
 

कैम्पस न्यूज का विमोचन शैक्षणेत्तर गतिविधियाँ व्यक्तित्व विकास का माध्यम:- प्रेम प्रकाश पाण्डेय

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग के न्यूजलेटर ‘‘कैम्पस न्यूज’’ का विमोचन उच्चशिक्षा मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने किया। 
महाविद्यालय की गतिविधियों को न्यूज लेटर के रूप में संकलित किया गया है। कैम्पस न्यूज का दूसरा अंक प्रकाशित हुआ है। 
उच्चशिक्षा मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने शैक्षणेत्तर गतिविधियों को विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास का माध्यम बताया है, उन्होनें महाविद्यालय के प्रयास की सराहना की एवं शुभकामनाएँ दी। 
कैम्पस न्यूज लेटर के संपादक डाॅ. यशेश्वरी धु्रव एवं श्रीमती ज्योति भरणे ने बताया कि महाविद्यालय में पांच राष्ट्रीय संगोष्ठियाँ आयोजित की गई थी तथा क्रीड़ा के क्षेत्र में छात्राओं ने राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा छात्राओं को टेबलेट उपलब्ध कराया गया तथा मुख्यमंत्री युवा स्वावलंबन योजना के तहत छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन सभी गतिविधियों को कैम्पस न्यूज में संकलित किया गया है। 
महाविद्यालय में नवीन अध्यापन कक्षों का लोकार्पण तथा स्वच्छता अभियान की गतिविधियाँ भी सचित्र प्रस्तुत की गई है। 
विमोचन अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी, वरिष्ठ प्राध्यापक डाॅ. डी.सी.अग्रवाल, डाॅ. के.एल.राठी, श्री योगेन्द्र त्रिपाठी, डाॅ. ऋचा ठाकुर एवं छात्रसंघ अध्यक्ष सुमन कुशवाहा उपस्थित थी।
 
 
 

कला से ही व्यक्ति का सम्पूर्ण व्यक्तित्व निर्मित होता है: डाॅ. माण्डवी सिंह

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग में चित्रकला पर सात दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आदि-रंग का उद्घाटन सम्पन्न हुआ।
कार्यशाला की मुख्य अतिथि डाॅ. माण्डवी सिंह, कुलपति, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ ने लोक कलाओं को प्रोत्साहन देने एवं युवा पीढ़ी को अपना परंपरागत चित्र शैली से रू-ब-रू कराने के इस सार्थक कार्यशाला के आयोजन पर महाविद्यालय को बधाई दी। उन्होनें कहा कि - कलाएँ व्यक्ति को सम्पूर्णता प्रदान करती है। रज़ा फाण्डेशन एवं कन्या महाविद्यालय ने देश के विभिन कोनों से लोक कलाकारों को आमंत्रित कर छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों में लोक कलाओं के प्रति अनुराग उत्पन्न करने हेतु यह विशिष्ट मंच प्रदान किया है। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि श्रीमती लक्ष्मी धु्रव ने लोक कलाओं के माध्यम से प्राकृतिक जुड़ाव के पक्ष को रेखांकित किया। उन्होनें कहा कि बस्तर में जनजाति कला का अद्भूत नजारा देखने को मिलता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने कार्यशाला की उपयोगिता एवं महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जनजाति कला से छात्राओं को परिचित कराना तथा राष्ट्रीय स्तर के चित्रकारों के सानिध्य में प्रशिक्षण प्राप्त करना अविस्मरणीय अनुभव है। जिसका लाभ महाविद्यालय की छात्राओं को रजा़ फाउण्डेशन के माध्यम से मिल रहा है। कार्यक्रम के संयोजक श्री योगेन्द्र त्रिपाठी ने विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों की कलाओं का संक्षिप्त परिचय देते हुए लोक कलाओं को जीवन के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण बताया। आमंत्रित कलाकारों में भील पेंटिंग के रमेश बरिया गोंड पेंटिंग के मंगरू एवं राधेश्याम, पिथौरा पेेंटिंग के हरिसिंह एवं राकेश राठवा, गोदना की सूफियानो बाई, गुजराती कलमकारी के जगदीश चितारा तथा मुधबनी के श्रवण कुमार शामिल है। उद्घाटन सत्र का संचालन डाॅ. ऋचा ठाकुर एवं धन्यवाद ज्ञापन डाॅ. अम्बरीश त्रिपाठी ने किया। कार्यशाला में दुर्ग जिले के विभिन्न महाविद्यालयों से प्राध्यापक एवं विद्यार्थियों ने भी प्रतिभागिता की। 
कला से ही व्यक्ति का सम्पूर्ण व्यक्तित्व निर्मित होता है: डाॅ. माण्डवी सिंह 

 
 
 

लोक कलाओं में धड़कता जीवन-राग

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग में चित्रकला विभाग तथा रजा फाण्डेशन दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला ‘आदि-रंग’ में आदिवासी एवं लोक चित्रकला शैली के विविध रंग देखनें को मिल रहे है। देश के विभिन्न कोनों से आए लोक चित्रकार विभिन्न शैलियों से प्रशिक्षुओं को न केवल परिचित करा रहे है। वरन शैली की बारिकियों को भी समझा सिखा रहे है। मधुबनी, गुजराती कलमकारी, गोंड़, भील, पिथौरा एवं गोदना आदि प्रमुख लोक चित्रकला शैलियाँ प्रदेश के लिए आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है। अमेरिका एवं यूरोप में भी कई शो कर चुके गोंड़ पेंटिंग के चित्रकार मंगरू बताते है कि महाविद्यालय की छात्राएं तथा आए प्रतिभागियों की सीखने की लगन काबिले तारीफ है। गोदना पेंटिंग को विशिष्ट पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली सूफियानों बाई का मानना है कि महाविद्यालय के आत्मीय एवं कलाप्रेमी वातावरण के कारण वह बड़ी सहजता से चित्रकारी कर पा रही हैं। चटख-हरे, लाल, नीले, पीले रंगों से सजी ग्रामीण जीवन को प्रदर्शित करती पिथौरा पेंटिंग का कैनवास सहज ही लोगों को अपनी ओर खींच रहा है। 
डी.पी.एस. भिलाई की कक्षा चार की छात्रा दित्या तथा शहर के विद्यार्थियों को चित्रकला सिखाने वाली रोहिणी पाटणकर, लाॅ स्नातक रिया दुबे के साथ ही शहर के प्रतिष्ठित चित्रकार डाॅ. सुनीता वर्मा, राजेन्द्र सुनगरिया, अरविन्द पाठक, हुकुम लाल, खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय, महिला महाविद्यालय सेक्टर-9, सांई महाविद्यालय, आर्य कन्या महाविद्यालय एवं राजनांदगांव के विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र, चित्रकला प्रेमियों एवं पैर से चित्र बनाते दिव्यांग गौकरण पाटिल के लोककला सीखने की ललक इस कार्यशाला की उपयोगिता को बयां कर रही है। 
बच्चों को चित्रकारी सीखाने वाली डाॅ. निवेदिता वर्मा कहती है कि जिन लोकचित्रों के बारे में पढ़ा-सुना है उन सबको एक साथ यहां दुर्ग में देखना और सीखना सपनो को साकार करने जैसा है। 
सभी लोक रंग शैलियों में प्रकृति का सर्वाधिक महत्व है। अपने विविध रूपों में भिन्न शैलियों में प्रकृति ही अभिव्यक्त हो रही है। मानव एवं प्रकृति के अटूट रिश्ते को स्नेह एवं संवेदना से परिपूर्ण करने को आह्वान करती ये सात दिवसीय कार्यशाला 10 तारीख को समाप्त हो रही है। कलाकार अपने हुनर को सीखाने के साथ ही बनाए गए चित्रों की प्रदर्शनी भी लगा रहे है।

 

आदि-रंग कार्यशाला में चित्रकारों का किया गया सम्मान

शास. डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग में चित्रकला विभाग एवं रज़ा फाउण्डेशन नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित सात दिवसीय कार्यशाला के समापन अवसर पर कार्यशाला में आये देश के विभिन्न प्रांतों के चित्रकारों का शाल-श्रीफल से सम्मान किया गया। 
आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि डाॅ. दीपक कारकून तथा विशिष्ट अतिथि भिलाई इस्पात संयंत्र के वरिष्ठ अधिकारी श्री विजय मेराॅल थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने की। 
डाॅ. कारकून ने अपने सम्बोधन में कहा कि हमारी भारतीय लोककला एवं पेंटिंग विश्व के किसी भी चित्रशैली से कमतर नहीं है। विदेशों में हमारी भारतीय कलाशैली की बहुत ज्यादा मांग है। विशिष्ट अतिथि विजय मैराॅल ने कार्यशाला की विविधता को रेखांकित करते हुए नार्थ ईस्ट का उदाहरण सामने रखकर कला की सुंदरता को अभिव्यक्त किया। उन्होनें कहा कि व्यक्तित्व के विकास के लिये ऐसे रचानात्मक महौल की आवश्यकता है। कार्यक्रम के अध्यक्ष प्राचार्य डाॅ. तिवारी ने प्रतिभागियों द्वारा इस कार्यशाला में सीखे गये कौशल को हमेशा अभ्यास कर विकसित करने को महत्वपूर्ण बताया। उन्होनें कहा कि युवा पीढ़ी को तल्लीन और एकाग्र होकर घण्टों चित्रकारी करते रहना एक सुखद क्षण है। ऐसे रचनात्मक आयोजन के लिये रज़ा फाउण्डेशन का महाविद्यालय परिवार आभारी है। डाॅ. अम्बरीश त्रिपाठी ने कार्यशाला के लोक-कलाकारों का साक्षात्कार लिया तथा कार्यशाला की गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। 
चित्रकला विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. योगेन्द्र त्रिपाठी ने कार्यशाला की उपयोगिता एवं प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कार्यशाला विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं चित्रकारों के लिये अविस्मरणीय रहेगी। जहाँ देश के विभिन्न लोककलाओं का संगम हुआ।  
इस कार्यशाला में दिल्ली विश्वविद्यालय, नेशनल लाॅ यूनिवर्सिटी रायपुर, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़, दिग्विजय महाविद्यालय राजनांदगांव, कमला देवी महाविद्यालय एवं महिला पाॅलिटेक्नीक राजनांदगांव, अजिम प्रेमजी फाउण्डेशन धमतरी, भिलाई महिला महाविद्यालय, सांई महाविद्यालय, रूंगटा महाविद्यालय, शासकीय महाविद्यालय भिलाई-3, डीपीएस भिलाई, खालसा पब्लिक स्कूल, सेंट जेवियर्स स्कूल के विद्यार्थी एवं शिक्षक बड़ी संख्या में कार्यशाला में सहभागिता दी। 
कार्यक्रम में सहभागी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को प्रमाण पत्र वितरीत किये गये। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. ऋचा ठाकुर ने किया तथा आभार प्रदर्शन डाॅ. योगेन्द्र त्रिपाठी ने किया। 
 
 
 
 

यूथ स्पार्क प्रतियोगिता में छात्राओं का उमड़ा उत्साह

शा. डाॅ. वा. वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में छत्तीसगढ़ शासन की 14 वर्षों की उपलब्धियों एवं विकास पर ‘यूथ स्पार्क .... खेलेगा छत्तीसगढ़, जितेगा छत्तीसगढ़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। 
प्रतियोगिता का प्रथम चरण महाविद्यालयीन स्तर पर चयन स्पर्धा के रूप में आज संपन्न हुआ। इसमें प्रातः 11ः00 से 11ः15 बजे तक विद्यार्थी चार विषयों में से किसी एक विषय में अधिकतम 10 वाक्य कक्षा में लिखकर जमा करना था। जो विषय निर्धारित किए गए थे उनमें 
ऽछत्तीसगढ़ राज्य का कौन सा पर्यटन स्थल आपको प्रिय है और क्यों?
ऽछत्तीसगढ़ शासन की कौन सी जनकल्याणकारी योजना आपको सर्वाधिक महत्वपूर्ण लगती है? और क्यों?
ऽछत्तीसगढ़ राज्य के किस व्यक्तित्व  से आप प्रेरित होते है?
ऽछत्तीसगढ़ सरकार ने छ.ग. राज्य को विकास की दृष्टि से देश में सर्वोच्च स्थान पर पहुंँचाया है आप सहमत है?
सम्पूर्ण प्रतियोगिता 5 चरणों में होगी जिसका अंतिम चरण 8 जनवरी को होगा। द्वितीय चरण से पांचवे चरण की प्रतियोगिता चयनित (क्वालीफाई) विद्यार्थियों के मध्य स्मार्ट फोन से होगी। इस प्रतियोगिता के अंतिम चरण में विजेता को प्रथम पुरस्कार 51000रू. द्वितीय 31000रू. तथा तृतीय पुरस्कार 21000रू. दिया जावेगा। इसी तरह तृतीय एवं चतुर्थ चरण में भी पुरस्कार दिए जावेगें। आज इस प्रतियोगिता में कन्या महाविद्यालय की 368 छात्राओं ने हिस्सा लिया। 
प्रतियोगिता संचालन के नियुक्त नोडल अधिकारी डाॅ. ऋचा ठाकुर ने जानकारी दी कि छात्राओं में इस प्रतियोगिता के लिए काफी दिनों से उत्साह का वातावरण था और आज उन्होनें बढ़-चढ़ करके भाग लिया। 
महाविद्यालय से प्रत्येक विषय से श्रेष्ठ 05 प्रतिभागियों को द्वितीय चरण में प्रवेश मिलेगा। महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने इस प्रतियोगिता के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों को अपने राज्य के विषय में जानने तथा शासन की कल्याणकारी योजनाओं से परिचित होने का सशक्त माध्यम है जिससे वे जागरूकता अभियान के जरिए आमजन तक पहुंचाएं। 
प्रतियोगिता के सफल संचालन में डाॅ. डी.सी.अग्रवाल, डाॅ. के.एल. राठी, डाॅ. ऊषा चंदेल,          डाॅ. शशि कश्यप का महत्वपूर्ण योगदान रहा। 

 
 
 

राष्ट्रीय युवा महोत्सव के लिए रूचि चयनित

शासकीय डाॅ. वा. वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय की एम.काॅम. तृतीय सेमेस्टर की छात्रा कु. रूचि शर्मा का चयन राष्ट्रीय युवा महोत्सव के लिए हुआ है। 
प्रतिवर्ष स्वामी विवेकानन्द की जन्मतिथि पर युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर युवा महोत्सव का आयोजन किया जाता है जिसमें देश के सभी प्रांतों से विभिन्न विधाओं एवं संगठनों से युवाओं का चयन किया जाता है।
इस वर्ष 12 जनवरी 2018 से 16 जनवरी 2018 तक राष्ट्रीय युवा महोत्सव गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय ग्रेटर नोयडा में आयोजित किया जा रहा है जिसमें भाग लेने प्रदेश के युवाओं की टीम रवाना हो गयी है। 
कु. रूचि शर्मा महाविद्यालय की पूर्व छात्रसंघ रही है साथ ही वे राष्ट्रीय सेवा योजना, स्वीप कार्यक्रम में सक्रियता से जुड़ी है। रूचि को महाविद्यालय का जेण्डर चैम्पियन भी नियुक्त किया गया है। कु. रूचि ने छात्राओं का एक कस्तूरबा समूह गठित किया है जो ग्रामीण क्षेत्रों तथा झोपड़पट्टी इलाकों में जाकर सेवा कार्य एवं बच्चों की शिक्षा के लिए मदद करता है। 
रूचि का चयन नेहरू युवा केन्द्र संगठन द्वारा किया गया है। महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी, वरिष्ठ प्राध्यापक डाॅ. डी.सी. अग्रवाल तथा प्राध्यापकों एवं छात्राओं ने उन्हें बधाई दी है। 

 
 
 

परिचर्चा और वाद-विवाद में छात्राओं ने रखे अपने विचार

शासकीय डाॅ. वा. वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय की वार्षिक स्पर्धाओं के अन्तर्गत परिचर्चा एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। परिचर्चा का विषय - ‘‘वर्तमान में महिला सुरक्षा पहली प्राथमिकता होनी चाहिए’’ था।
जिस पर चर्चा में भाग लेते हुए छात्राओं ने एक ओर जहां सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत बतलाई वहीं उन सामाजिक, मानसिक, आर्थिक कारणों को भी प्रस्तुत किया जो होने वाली घटनाओं के लिए जिम्मेदार है। 
बी.एससी. भाग-2 की निशी जैन कहती है कि महिलाएं सशक्त है बस सोच बदलने की जरूरत है। बी.काॅम. भाग-2 की राजेशवरी चैधरी का मानना है कि प्रदेश में महिला सुरक्षा के बेहतर उपाय किए गए है। रक्षाटीम के साथ ही हेल्पलाईन सेवा के जरिए प्रयास किए गए है। 
एम.ए. अर्थशास्त्र की सबा मरियम कहती है कि सड़क में ही सुरक्षा नहीं बल्कि महिला को घर में समाज में सुरक्षा मिलनी चाहिए। उन्हें आर्थिक सुरक्षा मन से दी जानी चाहिए। मरियम कहती है ग्रामीण महिलाओं का शिक्षित होना सबसे जरूरी है। 
एम.ए. तृतीय सेमेस्टर की नेहा साहू बढ़ती अत्याचार और बालात्कार की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहती है कि महिला के अंदर सुरक्षित होने की भावना जगानी होगी वरना आज तक हर पहलु पर महिला संघर्ष ही करती रह जाएगी। 
छात्राओं ने परिचर्चा में बड़ी संख्या के हिस्सेदारी की जिससे इस विषय पर सकारात्मक विचार प्रस्तुत हुए। 
वाद-विवाद प्रतियोगिता भी बड़ी रोचक रही ‘‘इस सदन की राय में प्रदेश में छात्रसंघ में मनोनयन बेहतर है। विषय पर छात्राओं ने जहाँ इस विषय की पुरजोर वकालत की वहीं विपक्षी छात्राओं ने इसे बिल्कुल नहीं स्वीकारा। 
पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष रही कु. नेहा साहू ने कहा कि देश की राजनीति में युवाओं की भागीदारी अति आवश्यक है और इसे सभी स्वीकारते हैं तब छात्रसंघ में इसे क्यों दूर किया जा रहा है। छात्रसंघ चुनाव से ही राजनीति में नये नेतृत्व आते है। 
कु. अनिता यादव इसे सिरे से खारिज करती है कहती है कि छात्रसंघ चुनाव के बाद की परिस्थितियाँ किसी से छिपी नहीं है। ज्ञान का मंदिर जंग का अखाड़ा बन जाता है। जिससे पढ़ाई के साथ ही परिसर का पूरा वातावरण वैमनस्यता भरा हो जाता है। 
कु. जुबैदा कहती है जरूरी नहीं उच्च अंकों वाला नेतृत्व में भी अव्वल हों। घर से बाहर न निकलने वाला पढ़ाकू पूरे समूह का बेहतर नेतृत्व करने लगेगा ऐसा सोचना गलत है। 

बी.एससी. भाग-3 की सिमरन राजपूत ने भी छात्रसंघ चुनाव के मनोनयन पर ऐतराज जताते हुए सही नेतृत्व के लिए मतदान प्रणाली को उपयुक्त बताया। एम.ए. की सबा मरियम ने मनोनयन पद्धति को बेहतर बताते हुए कहा कि मेधावी विद्यार्थियों को भी अवसर दिया जाना प्रशंसनीय कदम है। 
प्रतियोगिता का संचालन डाॅ. यशेश्वरी धु्रव ने किया। महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थी।
 
 
 
 

बिखेरी छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की खुशबू और भारतीय संस्कृति की छटा

शासकीय डाॅ. वा. वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में वार्षिक प्रतियोगिताओं के अन्तर्गत ‘‘छत्तीसगढ़ी व्यंजन स्पर्धा का आयोजन किया गया। जिसमें छात्राओं ने आंचलित नमकीन एवं मीठे व्यंजनों की खुशबू परिसर में बिखेर दी। प्रभारी प्राध्यापक डाॅ. सीमा अग्रवाल ने जानकारी दी कि नमकीन व्यंजनों की श्रृंखला में छात्राओं ने फरा, हराभरा गोजा, ठेठरी, चीला, चैसेला, अंगाकर रोटी, सोहारी को बड़े सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया। 

मीठे व्यंजनों ने तो सभी के मुंह में पानी लाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। तसमई, दूधफरा, खुरमी, अरसा, लड्डू की प्रस्तुति बेहतरीन रही।  

इसी श्रृंखला में ‘दुल्हन सजाओ प्रतियोगिता’ में छात्राओं ने देश के विभिन्न प्रांतों की झलकियाँ मंच में प्रस्तुत की। 

प्रतियोगिता प्रभारी डाॅ. बबीता दुबे ने बताया कि हमारी संस्कृति एवं सभ्यता के अनुसार विभिन्न अंचलों में दुल्हन के श्रृंगार की कई विधाएँ प्रचलित है। पश्चिम बंगाल और असम मेघालय के परिधान व श्रृंगार की अलग सुंदरता है तो दक्षिण भारत और गुजरात की बानगी देखते ही बनती है। छात्राआंे ने विभिन्न सभी प्रांतों की झलक प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। उत्तर और दक्षिण की संस्कृति और पूरब का श्रृंगार प्रस्तुत करते हुए बड़ी संख्या में छात्राओं ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। 

 

कड़ी मेहनत व लगन से मिलती है मंजिल:- उमेश साहू

शासकीय डाॅ. वा. वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर सामान्य ज्ञान पर आधारित ‘‘ओपन क्वीज’’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। 
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ‘‘कौन बनेगा करोड़पति’’ के प्रतिभागी भिलाई स्टील प्लांट के डिप्टी मैनेजर श्री उमेश कुमार साहू थे। इस कार्यक्रम में नक्सल प्रभावित क्षेत्र के वे बच्चे भी शामिल हुए जिनकी शिक्षा की जिम्मेदारी उमेश साहू जी ने ली है। 
अपने संबोधन में उन्होनें छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सतत् मेहनत और लगन से लक्ष्य की प्राप्ति होती है। अर्जुन की तरह लक्ष्य को फोकस करना ही सफलता का मूलमंत्र है। 
उन्होनें कौन बनेगा करोड़पति में अपनी सफलता के अनुभव भी सांझा किए वहीं नक्सल प्रभावित बच्चों की शिक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी। उन्होनें बताया कि जीती गई 12 लाख 50 हजार की राशि वे इन बच्चों की आवास व्यवस्था पर खर्च करेगें। 
महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने बताया कि इस क्वीज स्पर्धा का आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में सामान्य ज्ञान के प्रति रूचि पैदा करना तथा उन्हें अपने देश, राज्य की संस्कृति से परिचित करना है। 
क्वीज स्पर्धा का संचालन डाॅ. डी.सी. अग्रवाल ने किया अपने चिरपरिचित अंदाज में किया। इस प्रतियोगिता में विकल्प राउंड, विजुअल एवं आॅडियो राउंड के अंतर्गत प्रोेजेक्टर के माध्यम से प्रश्न पूछे गए थे जिसमें सही उत्तर देने वाली छात्रा को तत्काल पुरस्कार प्रदान किये गये। प्रश्नों में विभिन्न राज्यों की प्रसिद्ध इमारतों, राष्ट्रीय स्तर के ख्यातिप्राप्त व्यक्तियों के विषय में पूछा गया तो वहीं संगीत, फिल्म एवं खेल से भी रोचक प्रश्नों की श्रृंख्ला थी। 
इस प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में छात्राओं ने भागीदारी की व पुरस्कार जीते। महाविद्यालय की ओर से प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने उमेश साहू जी को स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर प्राध्यापक, छात्रायें एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। 

 

शिक्षा की सामाजिक उपादेयता होनी चाहिए: प्रेमप्रकाश पाण्डेय

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में वार्षिक स्नेह सम्मेलन का उद्घाटन प्रदेश के उच्चशिक्षा मंत्री श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने किया। विशिष्ट अतिथि पद्मश्री श्रीमती शमशाद बेगम थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने की। 

अपने संबोधन में मुख्यअतिथि प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने कहा कि वार्षिक उत्सव और उसका प्रतिवेदन किसी महाविद्यालय का प्रतिबिम्ब होता है। शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वाभिमानी एवं स्वावलंबी बनाने के साथ स्वअस्तित्व एवं सहअस्तित्व की भावना जगाना भी होता है। कौशल दो तरह के होते है उपयोगी और अनुपयोगी। उन्होनें कहा कि आसान रास्ते की तलाश आज मानववृत्ति हो गई है। शिक्षा में श्रम का बहुत महत्व होता है। आजकल श्रम की जगह पढ़े-लिखे लोग काम करने में शर्म करने लगे हैं। आज युवा नेच्युरल स्कील को छोड़कर पश्चिमी स्कील का अंधानुकरण करने लगा है। किचन सिस्टम हमारा युएसपी है। इसकी मदद से ही हमारे देश में सवा सौ करोड़ लोगों के पेट भरे जाते हैं। दरअसल पश्चिमी देशों ने हमारा बेस्ट ले लिया है और हम उनका वेस्ट ले रहे है। जो भी शिक्षा हम प्राप्त करते हैं उनकी सामाजिक उपायदेयता होनी चाहिए। शिक्षा का मतलब केवल डिग्री नहीं होनी चाहिए उसे जीवन जीने की कला भी सिखानी चाहिए। 
माननीय मंत्री जी ने इतिहास में स्नातकोत्तर कक्षाएँ खोलने की घोषणा की तथा विज्ञान संकाय के लिये प्रयोगशाला की भी घोषणा की।     
विशिष्ट अतिथि पद्मश्री शमशाद बेगम ने छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि बेटियों को अवसर दिया जाये तो वे अपनी प्रतिभा से इस देश को उच्च शिखर तक पहुँचा सकती है। बेटियाँ बहुत संवेदनशील होती है देश और समाज को वो दिशा दे सकती है। भविष्य निर्माण बेटियों की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होनें इस अवसर पर ‘आगे-आगे बढ़ना है तो हिम्मत हारे मत बैठो’ प्रेरणादायी गीत भी गाया। 
महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. तिवारी ने अपने प्रतिवेदन में छात्राओं की उल्लेखनीय उपलब्धियों एवं समस्याओं पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर सभी कक्षाओं में प्रथम आने वाली छात्राओं को प्रावीण्यता पदक से सम्मानित किया गया। महाविद्यालय की प्राध्यापक डाॅ. निसरीन हुसैन एवं डाॅ. रेशमा लाकेश की पुस्तकों का विमोचन भी मंत्री जी के द्वारा किया गया। 
इस वर्ष का वार्षिकोत्सव ‘‘हमर कल्चर’’ पर आधारित था। मंच सज्जा भी आंचलिक संस्कृति पर आधारित की गयी थी जिसे सभी ने सराहा। चित्रकला विभाग द्वारा पेंटिंग्स की प्रदर्शनी आयोजित की गयी थी जिसका अतिथियों ने अवलोकन किया। 
छात्रसंघ अध्यक्ष कु. सुमन कुशवाहा ने महाविद्यालय की समस्याओं, विज्ञान संकाय भवन, शिक्षकों की कमी एवं छात्रावास संबंधी मांग मंत्री जी से की। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. ऋचा ठाकुर ने किया। आभार प्रदर्शन छात्रसंघ सचिव कु. देविका ने किया। इसके बाद रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। 
गीतों की प्रस्तुतियों में कु. सुषमा साहू के समूह ने छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा पर खूबसूरत छत्तीसगढ़ी नृत्य प्रस्तुत किया तो भावना सोनवानी, हर्षा सहारे के एकल नृत्य ने शमा बांधा। 
निकिता पाण्डे के समूह ने संदेशे आते हैं पर तथा प्रीति वर्मा के पंथी नृत्य में दर्शकों की खूब तालियाँ बटोरी। लक्ष्मी एवं पिंकी ग्रुप के हास्य नृत्य ने काफी गुदगुदाया तो अरपा पैरी की धार लोकनृत्य और दुर्गा तांडव को भी खूब सराहा गया। आरिफा के मौला मेरे मौला गीत को खूब पसंद किया गया। 
छात्राओं ने देर शाम तक एक से बढ़कर एक नृत्य, गीत, प्रहसन प्रस्तुत किए। 
 
 
 
 

आनेस्टी काॅर्नर का शुभारंभ

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में नई पहल करते हुए ‘‘आनेस्टी काॅर्नर’’ का शुभारंभ बसंत पंचमी के अवसर पर किया गया। छात्राओं को प्रतिदिन लगले वाली स्टेशनरी की सामग्री को परिसर में ही उपल्बध कराने तथा उसे क्रय कर स्वयं सामग्री की राशि ईमानदारी से बाॅक्स में डालने की व्यवस्था की गयी है। महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने आज इसका शुभारंभ किया। 
महाविद्यालय की ‘‘आई.क्यू.ए.सी.’’ की पहल पर प्रारंभ किए जाए इस र्कानर में काॅलेज काॅपी, रफ काॅपी, पेन, पेंसिल, रबर, कटर, स्केल, कागज, पेन पाउच और बहुत सी स्टेशनरी उपलब्ध है। 
आई.क्यू.ए.सी. संयोजक डाॅ. अमिता सहगल ने बताया कि सभी सामग्री की मूलसूची टांगी गयी है। जिसके अनुसार छात्राएँ सामग्री लेकर राशि बाॅक्स में डालेगी। यह कार्नर ईमानदरी पर आधारित है इसीलिए इसे ‘‘आनेस्टी काॅर्नर’’ नाम दिया गया है। इस अवसर पर वरिष्ठ प्राध्यापक डाॅ. डी.सी. अग्रवाल, डाॅ.के.एल. राठी, डाॅ. ऋचा ठाकुर एवं प्राध्यापक तथा छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित थे। 

 
 
 

गणतंत्र दिवस

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में गणतंत्र दिवस के अवसर पर चित्रकला विभाग द्वारा देशभक्ति पर आधारित चित्र प्रदर्शनी लगायी गयी। छात्राओं ने देशभक्ति से ओत-प्रोत पेंटिंग बनाकर लगायी। कई चित्रों में महापुरूषों के चित्र बनाये गये वहीं स्वच्छता अभियान एवं डिजिटल इंडिया को रेखांकित करते देश के विकास को दर्शाया। कुछ छात्राओं ने सीमा के दृश्य भी रेखांकित किये। 
आज प्रातः महाविद्यालय में प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने ध्वजारोहण किया। सभी प्राध्यापक कर्मचारी तथा छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित थी।

 
 
 

शहीद दिवस पर दी गीतों भरी श्रद्धांजली

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शहीद दिवस पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का पुण्य स्मरण किया गया। महाविद्यालय के संगीत विभाग ने इस अवसर पर गीतों भरी श्रद्धांजली कार्यक्रम आयोजित किया।
संगीत की छात्राओं ने शहीदों को गीतों के माध्यम से श्रद्धांजली अर्पित की। संगीत विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. मिलिन्द अमृतफले ने वैष्णव जन ..... एवं रघुपति राघव राजाराम को प्रस्तुत कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। बी.एससी. भाग-2 की कु. नेहा साहू ने ऐ वतन तेरे लिए गीत प्रस्तुत किया एवं कु. तृप्ति, कु. तृष्णा, कु. डिगेश्वरी, कु. बबीता के समूह ने मेरा देश रंगीला गीत से शमां बांधा। कु. निखत अंजुम एवं कु. रागेश्वरी ने ऐ मेरे वतन के लोगों गीत प्रस्तुत किया। 
महाविद्यालय के प्राध्यापक डाॅ. व्ही.के. वासनिक एवं डाॅ. मुक्ता बांखला ने भी देशभक्ति से ओतप्रोत गीत प्रस्तुत किये। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापक एवं छात्रायें उपस्थित थी।
राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वाधान में कु. रूचि शर्मा के नेतृत्व में छात्राओं ने परिसर में साफ-सफाई की। 

 
 
 

वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह पुरस्कार प्रेरणा देता है आगे बढ़ने की - डाॅ. सिंह

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में क्रीड़ा, सांस्कृतिक, साहित्यिक स्पर्धाओं के पुरस्कार वितरित किए गए।
शासकीय दिग्वजय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजनांदगांव के प्राचार्य डाॅ. आर.एन.सिंह के मुख्य आतिथ्य में आयोजित समारोह में डाॅ. सिंह ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि मेहनत के साथ ही कौशल का भी साथ होना आवश्यक है। वर्ना आपको अपेक्षित सफलता नहीं प्राप्त होगी।
प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना जितना महत्वपूर्ण है उतना ही पुरस्कार से प्रेरणा प्राप्त करना कि हमें आगे बढ़ने का मार्ग मिल रहा है। कोई कसर न छोडें। असफलता भी मार्ग प्रशस्त करती है। 
कार्यक्रम के अध्यक्ष प्राचार्य डाॅ. सुशीलचन्द्र तिवारी ने कहा कि वर्ष भर की गतिविधियों के पुरस्कारों की, श्रृंखला बढ़ती जा रही है यह आपकी बढ़ती भागीदारी का परिचायक है। 
छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने भी अध्ययन के साथ ही क्रीड़ा व सांस्कृतिक गतिविधियों की स्पर्धाएँ वर्ष में दो बार आयोजित करने का निर्णय व्यक्तित्व विकास और प्रोत्साहन के लिए ही किया है। 
कार्यक्रम में महाविद्यालय की पूर्व छात्रा रह चुकी कवर्धा में पदस्थ जिला क्रीड़ा अधिकारी श्रीमती आरती पांडे ने भी अपने अनुभव सांझा किए तथा कहा कि उन्होनें अपनी क्रीड़ा अधिकारी डाॅ. ऋतु दुबे से प्रभावित रही है और उनके जैसा बनना चाहती थी। श्रीमती पांडे को कई राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय पुरस्कार मिले हैं। 
समारोह में वार्षिक उत्सव की प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया वहीं क्रीड़ा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर, विश्वविद्यालय स्तर पर अपना परचम लहराने वाली छात्राएँ भी सम्मानित की गयी। 
महाविद्यालय की छात्रा रही स्व. कु. गरिमा सक्सेना के परिजनों की तरफ से भी क्रीड़ा, सांस्कृतिक एवं मेधावी छात्राओं को स्मृति चिन्ह एवं पुरस्कार दिए गए।
कार्यक्रम का संचालन डाॅ. ऋचा ठाकुर एवं डाॅ. ऋतु दुबे ने किया। 
इस अवसर पर महाविद्यालय के पुस्तकालय विभाग द्वारा आयोजित स्पर्धाओं के पुरस्कार भी दिए गए। महाविद्यालय के जनभागीदारी कर्मचारियों को भी सम्मान किया गया तथा पुरस्कार दिए गए। 
कार्यक्रम में महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डाॅ. डी.सी. अग्रवाल, डाॅ. के.एल. राठी तथा प्राध्यापकगण, छात्राएँ एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
 
 
 

डाॅ. योगेन्द्र त्रिपाठी सम्मानित

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय के चित्रकला विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. योगेन्द्र त्रिपाठी को भारत भवन, भोपाल के 36 वें वर्षगाठं समारोह में समकालीन भरतीय कला वार्षिकी के तहत सम्मनित किया गया।
भारत भवन भोपाल में आयोजित भव्य सामारोह में भारत भवन के न्यासी सचिव मनोज श्रीवास्तव के मुख्य अतिथ्यि में देश भर के कलाकारों को गैंड अवार्ड से सम्मानित किया गया। जिसमें पेंटिग, ट्रायबल आर्ट, स्टोन स्कल्पचर, सिरेमिक स्कल्पचर के लिए अवार्ड दिए गए। 
योगेन्द्र त्रिपाठी को पेंटिग के लिए अवार्ड से नवाजा गया। इस अवसर पर रुपंकर कला आर्ट की ओर से समकालीन चित्रकला पर तैयार की गयी पेंटिग्स की प्रदर्शनी लगाई गयी। समारोह में देशभर के चित्रकला मूर्तिकार उपस्थित थे। महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चंद्र तिवारी तथा प्राध्यापकों ने डाॅ. त्रिपाठी को बधाई दी है।

 
 
 

महिला विधिक अधिकार ‘स्पर्धा’ में छात्राएँ पुरस्कृत

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग में राष्ट्रीय महिला आयोग नई दिल्ली के तत्वाधान में आयोजित महिला विधिक अधिकार स्पर्धा का आयोजन किया गया। नोडल अधिकारी डाॅ. ऋचा ठाकुर ने बताया कि इस स्पर्धा में 200 छात्राओं ने हिस्सा लिया। 
वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की लिखित परीक्षा आयोजित की गयी जिसमें भारतीय संविधान, घरेलू हिंसा, दहेज,  संपत्ति अधिकार, मूल अधिकार, उत्पीड़न संबंधी शिकायत आदि से संबंधित विधिक जानकारी के प्रश्न पूछे गये थे। इसके पूर्व कार्यशाला के माध्यम से विशेषज्ञों ने विधिक अधिकारों की जानकारी दी थी। 
स्पर्धा में प्रथम कु. जूली सोनछत्रा को दो हजार रूपये का नगद पुरस्कार दिया गया द्वितीय स्थान पर कु. धारणी को पन्द्रह सौ का नगद पुरस्कार तथा पांच सांत्वना पुरस्कार में कु. नेहा जायसवाल, दीशा वर्मा, कु. तृष्णा पोखरेल, कु. वर्षा त्रिपाठी, कु. वंदना नायक को एक-एक हजार का पुरस्कार दिया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने पुरस्कार प्रदान किए। वरिष्ठ प्राध्यापक डाॅ. के.एल. राठी ने छात्राओं को बधाई दी। 

 
 
 

युवा कैरियर निर्माण योजना मार्गदर्शन कार्यशाला

शासकीय डाॅण् वाण्वाण् पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में ष्ष्युवा कॅरियर निर्माण योजनाष्ष् की जानकारी देने लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ0 सुशील चन्द्र तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के संयोजन में इस योजना के तहत् अनुसूचित जातिए अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के पात्र विद्यार्थियों को संघ लोक सेवा आयोगए छ0ग0 लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी हेतु निःशुल्क कोंचिगए अनुबंधित कोचिंग संस्थाओं द्वारा दी जावेगी। चयन परीक्षा 29 अप्रैल 2018 को प्रातः 11ण्00 बजे से  अपरान्हः 2ण्00 तक संभागीय मुख्यालयों में होगी। जिसके लिये 23 अप्रैल 2018 तक आवेदन किये जा सकेंगे।
दुर्ग जिले की योजना समन्वयक श्रीमती उर्मिला ओझा ने छात्राओं को योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया तथा प्रशिक्षण की जानकारी दी। युवा कॅरियर निर्माण योजना के प्रशिक्षण के लिए अनुबंधित वनवासी विकास समिति के प्रशिक्षक डाॅ0 आशीष कुमेटी ने प्रशिक्षण एवं चयन स्पर्धा की सविस्तार जानकारी दी। उन्होंने छ0ग0 लोक सेवा आयोग एवं संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं के पाठ्यक्रमए परीक्षा पद्धति पर सविस्तार चर्चा करते बताया कि तैयारी किस प्रकार की जावे।
कार्यशाला का संचालन करते हुए प्रभारी प्राध्यापक डाॅ0 ऋचा ठाकुर ने छात्राओं को मार्गदर्शन के विभिन्न चरणों की जानकारी देते हुए ष्समयबद्ध कार्य योजना से इन परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के बिन्दु बताए। महाविद्यालय छात्रसंघ की अध्यक्ष कु0 सुमन कुशवाहा तथा जेंडर चैम्पियन कु0 रूचि शर्मा ने कार्यशाला के आयोजन में सक्रिय भागीदारी की तथा इस योजना को छात्राओं के लिए बहुमूल्य बताया।
 
 
 

सर्जना का विमोचन

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग की साहित्यिक पत्रिका ‘सर्जना’ का विमोचन प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने किया।
महाविद्यालय की आई.क्यू.ए.सी. ने प्राध्यापकों में शोध अनुसंधान की अभिवृत्ति एवं छात्राओं में रचनात्मक प्रवृत्ति को बढ़ावा देने पत्रिका निकालने का निर्णय लिया था।
सर्जना का विमोचन करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री ने पत्रिका में रचनात्मक एवं शोधपरक लेखों के लिए बधाई दी है। सर्जना के प्रवेशांक में विज्ञान, कला एवं वाणिज्य तथा प्रदर्शनात्मक कला के शोधपरख आलेखों का समावेश किया गया है। वहीं खैरागढ़ विश्वविद्यालय की कुलपति डाॅ. मांडवी सिंह की कला के सामाजिक सराकारों पर लंबी चर्चा भी है। 
सर्जना के संपादक डाॅ. अम्बरीश त्रिपाठी बताते है कि पत्रिका को पांच उपशिर्षकों में विभाजित किया गया है, जिनमें सर्जना के विविध आयाम, अभिव्यक्ति, अभिप्रेरण, परलब्धियाँ तथासर्जना के क्षण शामिल है। 
यह पत्रिका विचार विमर्श एवं रचनात्मकता को समर्पित है। विमोचन कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी, डाॅ. योगेन्द्र त्रिपाठी, डाॅ. अम्बरीश त्रिपाठी उपस्थित थे।