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रेडरिबन क्लब का आयोजन एचआईवी संक्रमित को सौहार्द्र एवं प्रेम की जरूरत

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण समिति के तत्वाधान में ‘रेड रिबन क्लब इकाई द्वारा एच.आई.वी. एड्स जागरूकता, के अन्तर्गत विभिन्न प्रतियोगिताएँ आयोजित की गयी। प्रभारी प्राध्यापक डाॅ. रेशमा लाकेश ने बताया कि ‘‘एच.आई.वी. संक्रमण से बचाव’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गयी। जिसमें छात्राओं ने एच.आई.वी. संक्रमण की जैविक क्रियाओं तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट की सविस्तार चर्चा करते हुए बताया कि सुरक्षा ही उसका प्रमुख बचाव का साधन है। 
शिक्षको, छात्राओं को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जो मृत्यु के आंकड़े दिए है वे चिंतनीय है। एच.आई.वी. संक्रमण हमारे शरीर के सुरक्षातंत्र को खत्म कर देता है जिससे हमारा शरीर छोटी-छोटी बिमारियों से भी नहीं लड़ सकता।
उन्होनें कहा कि एच.आई.वी. संक्रमण कोई छूत की बिमारी नहीं इससे संक्रमित व्यक्ति को अच्छे वातावरण एवं प्रेम की आवश्यकता है। 
भाषण प्रतियोगिता में कु. रूचि शर्मा, कु. सबा मरियम, कु. काजल यादव एवं कु. मधु सिंह को पुरस्कृत किया गया। क्लब द्वारा आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में कु. शगुप्ता परवीन, कु. शिवानी वर्मन, कु. रीना प्रसाद को पुरस्कार दिया गया। 
एच.आई.वी. संक्रमण एवं एड्स जागरूता पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में कु. लकेश्वरी बंजारे, कु. एश्वर्या श्रीवास्तव एवं कु. वेदिका देवांगन को पुरस्कार दिया गया। 
महाविद्यालय की यूथ रेडक्रास इकाई तथा रेड रिबन क्लब के द्वारा वर्ष भर जागरूकता कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में भी आयोजित किए जाते है। रैली, पोस्टर और जनसंपर्क कर छात्राएँ सक्रिय भागीदारी कर रही है। इस अवसर पर प्राध्यापकगण एवं छात्रायें बड़ी संख्या में उपस्थित थी। 

 
 
 

मेडिकल सेंटर में स्वास्थ्य परीक्षण

शा. डाॅ. वा. वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मेडिकल सेन्टर में प्रति सप्ताह नगर के विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे है। इस सप्ताह डाॅ. जय तिवारी (एम.डी.) ने छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा चिकित्सीय परामर्श दिया। 
मेडिकल सेंटर प्रभारी डाॅ. रेशमा लाकेश ने बताया कि छात्राओं को विभिन्न स्वास्थ्य जागरूकता की जानकारी के साथ ही चिकित्सीय परामर्श भी सेंटर द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा है। जिसका अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। छात्राओं के हेल्थ कार्ड में उनके स्वास्थ्य संबंधी जानकारी वजन, ऊँचाई, रक्तसमूह, रक्तचाप की जानकारी तो होती ही है साथ ही चिकित्सीय परामर्श का भी उल्लेख रहता है। 
डाॅ. जय तिवारी ने लगभग 50 छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा सलाह दी। 

 
 
 

एड्स दिवस पर रैली और प्रदर्शनी आयोजित

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग में विश्व एड्स दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा रैली का आयोजन किया गया। रैली को प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने महाविद्यालय परिसर से रवाना किया। 
एड्स से संबंधित सुरक्षा व बचाव के नारे के साथ रैली ने जेल रोड से समीपस्थ इलाकों का भ्रमण किया। रा.से.यो. अधिकारी डाॅ. सीमा अग्रवाल एवं डाॅ. मुक्ता बाखला के निर्देशन पर छात्राओं ने स्लोगन बनाये और जागरूकता अभियान चलाया।
यूथरेडक्रास सोसायटी के द्वारा पोस्टर बनाओ प्रतियोगिता रखी गयी जिसकी प्रदर्शनी लगाई गयी। 
यूथ रेडक्रास के स्वयं सेवकों ने प्रदर्शनी में एड्स से बचाव के विभिन्न सुरक्षात्मक उपायों पर केन्द्रित पोस्टर की जानकारी सभी को दी। 
जागरूकता अभियान के अन्तर्गत यूथ रेडक्राॅस की छात्राओं ने जानकारी दी की रक्त परीक्षण के समय हमेशा डिस्पोजेबल सिरिंज का ही उपयोग किया जावे तथा इस रोग से संबंधित जानकारी रखना तथा सुरक्षा ही बचाव है। 
यथूरेडक्राॅस प्रभारी डाॅ. रेशमा लाकेश तथा रा.से.यो. प्रभारी डाॅ. सीमा अग्रवाल ने जानकारी दी की शीघ्र ही महाविद्यालय में रक्त परीक्षण शिविर का आयोजन किया जावेगा तथा सभी छात्राओं को मेडिकल हेल्थ कार्ड उपलब्ध करा दिया गया है। जिसमें रक्त समूह के साथ स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी गयी है। 

 
 
 

‘‘मेडिकल सेंटर में स्वास्थ्य परीक्षण कैंप

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग में संचालित मेडिकल सेंटर में ‘‘स्वास्थ्य’ जागरूकता एवं परीक्षण अभियान के अंतर्गत कैंप लगाया गया। जिसमें सुप्रसिद्ध स्त्रीरोग विशेषज्ञ डाॅ. संध्या नागरिया ने छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया एवं चिकित्सीय परामर्श दिया। 
मेडिकल सेंटर प्रभारी डाॅ. रेशमा लाकेश ने जानकारी देते हुए बताया कि महाविद्यालय में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान के तहत यह चैथा कैंप था जिसमें स्त्रीरोग से संबंधित परामर्श एवं जांच के लिए स्त्रीरोग विशेषज्ञ डाॅ. संध्या नागरिया उपस्थित थी। 60 छात्राओं को चिकित्सीय परामर्श दिया गया। 37 छात्राओं को निम्न रक्तचाप से संबंधित सलाह दी गयी।  
यूथरेडक्रास के स्वयं सेवकों ने कैंप की व्यवस्था का संचालन किया। मेडिकल सेंटर में चिकित्सीय जांच के अलावा औषधियाँ भी उपलब्ध है। डाॅ. रेशमा ने बताया कि शीघ्र ही नेत्र परीक्षण शिविर भी लगाया जावेगा। इस कैंप में श्रीमती दामिनी साहू चिकित्सा सहायक का सक्रिय योगदान रहा। 

 
 
 

छात्राएँ बनी ‘स्नेह संपदा विद्यालय’ की सहयोगी

हमारे अंचल में 28 वर्ष पूर्व मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों को स्नेह से सिंचित कर उन्हें स्वस्थ्य पारिवारिक वातावरण देने का प्रयास प्रारंभ किया गया जो निःसंदेह काफी सफल और सुदृढ़ होता गया।
‘स्नेह संपदा विद्यालय’ के रूप में उन बच्चों को अभिभावक मिला जो उनके विकास का एक माईल स्टोन है। 
शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग की गृहविज्ञान विभाग एवं यूथ रेडक्राॅस  की टीम ने विगत दिनों इस विद्यालय का भ्रमण किया। छात्राओं ने बच्चों से, शिक्षकों से भेंट कर जानकारी जुटाई और निर्णय लिया कि वे अब नियमित रूप से इस विद्यालय की सहयोगी बनेगी और दिव्यांग बच्चों को शिक्षण, खेल, संगीत, कला, योगा सिखलाएगी। 
विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती पी.आर. सिरके ने बताया कि यह विशेष विद्यालय है, जिसमें 56 छात्र-छात्राएँ अध्ययनरत् हैं। यह विद्यालय ‘डे केयर सेटर, प्री. वोकेशनल सेंटर तथा मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों का ‘शिक्षण केन्द्र’ है।
इस विद्यालय में शैक्षणिक अभ्यास के साथ आत्म स्वावलंबन, कौशल ज्ञान दिया जाता है। इनकी नियमित दिनचर्या में शिक्षण, खेल, संगीत, कला एवं मनोरंजन है।
यूथ रेडक्राॅस प्रभारी डाॅ. रेशमा लाकेश ने बताया कि विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती सिरके ने शास. कन्या महाविद्यालय दुर्ग के प्राचार्य से नियमित रूप से सहयोग की अपेक्षा की थी। 
महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने उन्हें आश्वस्त किया कि छात्राओं की टीम स्नेह संपदा विद्यालय के बच्चों को पूरा मार्गदर्शन एवं सहयोग देगी। यह उनके लिए गौरव और प्रेरणास्पद होगा। डाॅ. रेशमा लाकेश ने बताया कि महाविद्यालय में दिव्यांग छात्राओं के प्रोत्साहन के लिए हमेशा प्रयास किए जाते है। 
विगत दिनों अन्र्तविश्वविद्यालयीन युवा उत्सव भोपाल में महाविद्यालय की दो मुकबधिर छात्राएँ कु. केसर बानो एवं कु. फरहीन बानो ने विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया। रायपुर स्थित कोपलवाणी महाविद्यालय का यह प्रायोगिक प्रशिक्षण केन्द्र भी रहता है। 

छात्राओं का ‘‘दंत परीक्षण शिविर’’ लगाया गया

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग में मेडिकल सेंटर एवं यूथ रेडक्राॅस सोसायटी के तत्वाधान में दंत चिकित्सा परीक्षण शिविर लगाया गया। स्थानीय रूंगटा दंत चिकित्सा महाविद्यालय के सौजन्य से डाॅक्टरों की टीम ने छात्राओं का दंत परीक्षण किया गया तथा उपचार किया गया। डाॅ. राम तिवारी की पूरी टीम लगातार छात्राओं की दंत चिकित्सीय परीक्षण में मुस्तैदी से जुटी रही। महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने शिविर का शुभारंभ करते हुए कहा कि महाविद्यालय में स्थापित मेडिकल सेंटर को शहर के चिकित्सकों का भरपूर सहयोग प्राप्त हो रहा है हम नियमित रूप से विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराएगें साथ ही विशेषज्ञों के व्याख्यान एवं जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जावेगें जिससे महाविद्यालय की 2600 छात्राओं को इसका लाभ मिल सके। 

मेडिकल सेंटर प्रभारी डाॅ. रेशमा लाकेश ने जानकारी दी की शिविर में छात्राओं को दंत परीक्षण के साथ उपचार भी मोबाईल वैन में उपलब्ध उपकरणों के द्वारा किया गया। छात्राओं के लिए शीघ्र रक्त परीक्षण एवं सिकल सेल परीक्षण शिविर भी लगाया जा रहा है। महाविद्यालय की सभी छात्राओं का हेल्थकार्ड भी बनाया गया है। इस अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डाॅ. डी.सी. अग्रवाल ने शिविर व्यवस्था के लिए मार्गदर्शन दिया। यूथ रेडक्रास की स्वयं सेवकों ने रूंगटा काॅलेज के चिकित्सकों डाॅ0 रामकृष्ण, डाॅ0 हीना साहनी, डाॅ0 बाला सुब्रमण्यम, डाॅ0 अभिवनव पटेल के साथ लगातार सक्रिय रही। शिविर में महाविद्यालय के प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों का भी उपचार किया गया। 

शिविर में रूंगटा दंत चिकित्सा महाविद्यालय के तकनीकी स्टाॅफ के साथ व्याख्यातागण भी उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने छात्राओं का दन्त परीक्षण, उपचार के साथ ही कांऊसिंलिंग भी की। इस अवसर पर महाविद्यालय की छात्रायें बड़ी संख्या में दन्त परीक्षण के लिए उपस्थित थी। मेडिकल सेन्टर प्रभारी डाॅ0 रेशमा लाकेश ने शिविर की सफलता के लिये चिकित्सकों, स्वयं सेवकों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।  

 
 
 

मेडिकल सेंटर उद्घाटित

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग में छात्राओं को एक सौगात के रूप में मेडिकल सेन्टर की उपलब्धि जुड़ी।
महाविद्यालय में स्थायी रूप से मेडिकल सेंटर प्रारंभ किया गया है जिसमें प्रति सप्ताह चिकित्सक अपनी सेवा एवं परामर्श देगें। सेंटर में स्त्री रोग विशेषज्ञ विशेष रूप से उपस्थित रहा करेगी। 
सेंटर का उद्घाटन दवा व्यवसायी श्री सुधीर अग्रवाल एवं डाॅ. एम.एल. अग्रवाल के करकमलों से आज सम्पन्न हुआ। महाविद्यालय की यूथ रेडक्राॅस सोसायटी की छात्राएँ इस सेंटर का संचालन करेगीं। 
महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने बताया कि छात्राओं का नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण हो तथा काउंसिलिंग की जावे इसकी व्यवस्था की गई है। समस्त छात्राओं का हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराया जा रहा है जिसमें उनका पूरा स्वास्थ्य विवरण अंकित होगा तथा चिकित्सीय परामर्श मिलता रहेगा। 
महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डाॅ. डी.सी. अग्रवाल ने बताया कि दवा व्यवसायीयों एवं चिकित्सकों के सहयोग से हमने यह सेंटर प्रारंभ किया है जिससे हमारी छात्राओं को उचित मार्गदर्शन मिलेगा। 
मेडिकल सेंटर प्रभारी डाॅ. रेशमा लाकेश ने जानकारी दी की सेंटर द्वारा विभिन्न विषयों पर चिकित्सकों के व्याख्यान भी आयोजित किए जावेगें तथा शिविर के माध्यम से रक्त एवं सिकल सेल परीक्षण, दंत परीक्षण, नेत्र परीक्षण के आयोजन भी होगें। 
उन्होनें बताया कि यूथ रेडक्राॅस की टीम की छात्राओं के लिए प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिससे वे अन्य छात्राओं को इसके लिए प्रशिक्षित कर सकेगी। 
कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, छात्राएँ उपस्थित थी। छात्रसंघ अध्यक्ष कु. सुमन कुशवाहा ने आभार व्यक्त किया। 

 
 
 

‘‘स्वाइन फ्लू’’ की दवा का वितरण

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग में यूथ रेडक्रास इकाई के तत्वाधान में डाॅ. मोहन अग्रवाल के सौजन्य से छात्राओं को ‘‘स्वाइन फ्लू’’ की दवा खिलाई गयी। डाॅ. अग्रवाल की उपस्थिति में छात्राओं को स्वाइन फ्लू से बचाव एवं उसके लक्षणों के विषय में जानकारी दी गयी तथा 1500 छात्राओं को दवा खिलाई गई।
इस अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डाॅ. डी.सी.अग्रवाल, डाॅ.के.एल.राठी,  डाॅ. ऋचा ठाकुर आदि उपस्थित थे। 

 
 
 

मानसिक स्वास्थ्य सबसे महत्वपूर्ण: डाॅ. आकांक्षा दानी

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग में मेडिकल सेन्टर तथा जिला स्वास्थ्य विभाग के तत्वाधान में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत छात्राओं के मानसिक विकास एवं मानसिक समस्याओं के लिए मार्गदर्शन हेतु सेमीनार का आयोजन किया गया। 
सुप्रसिद्ध मनोविशेषज्ञ डाॅ. आकांक्षा गुप्तादानी ने अपने उद्बोधन में कहा कि मानसिक स्वास्थ्य जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है और महत्वपूर्ण भी है। हम इस पर ध्यान न देकर लापरवाही बरतते है जिससे छोटी-छोटी बातें एक बड़ी गंभीर समस्या का रूप ले लेती है। उन्होनें अवसाद पर विशेष फोकस करते हुए कहा कि किशोर अवस्था में हम उचित मार्गदर्शन एवं सलाह के अभाव में हत्तोसाहित हो जाते है और धीरे-धीरे यह अवसाद का रूप ले लेता है। छात्राएँ ज्यादा इससे प्रभावित हो जाती है। 
डाॅ. आकांक्षा ने बताया की आत्महत्या की घटनाएँ भी छोटी-छोटी सी बातों को लेकर बढ़ रही है।  हमें अपना मनोबल, आत्मविश्वास बढ़ाए रखना है जिसके अभाव में हम अपने अमूल्य जीवन को खो बैठने का दुस्साहस कर बैठते है। मेडिकल सेंटर प्रभारी डाॅ. रेशमा लाकेश ने भी छात्राओं को मानसिक अस्वस्थता के संबंध में विस्तार से बताया और निराकरण के टीप्स दिए। 
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा के समय के तनाव से हम परिचित है जिससे हमें नुकसान ही होता है। उसके लिए वर्षभर समयबद्ध ढंग से पढ़ाई की जावे तो यह तनाव नहीं होगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा। इसी तरह जीवन में घटने वाली छोटी-छोटी घटनाओं से घबराए नहीं हर परिस्थिति में मनोबल ऊँचा रख कर ही सफल हो सकते है। 
छात्राओं ने अपनी समस्याओं को विशेषज्ञ से पूछा और उसका निदान प्राप्त किया। इस अवसर पर छात्राएँ, प्राध्यापक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन डाॅ. लता मेश्राम ने किया। 

 

मेगा हेल्थ कैंप का आयोजन

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय दुर्ग में विगत दिनों मेगा हेल्थ कैम्प का आयोजन किया गया। नगर की समाजसेवी संस्था सत्यम शिवम सुंदरम समिति एवं महाविद्यालय की यूथरेडक्राॅस इकाई के तत्वाधान में आयोजित इस कैम्प में हृदयरोग, दंत रोग, नेत्र रोग, स्त्री रोग, सामान्य स्वास्थ्य के विशेषज्ञ चिकित्सक उपस्थित थे। कैंप के संबंध में सुप्रसिद्ध हृदयरोग विशेषज्ञ डाॅ. सुप्रीत चोपड़ा ने बताया कि उनकी संस्था लगातार विभिन्न ग्रामों में तथा स्कूलों एवं महाविद्यालयों में इस तरह के कैम्प आयोजित कर निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण के साथ ही दवाएँ भी निःशुल्क उपलब्ध कराते है। इस कैम्प में सुप्रसिद्ध चिकित्सक डाॅ. आकाश बख्शी, डाॅ. राहुल गुलाटी, डाॅ. रंजन सेनगुप्ता, डाॅ. आकांक्षा श्रीवास्तव, डाॅ. वर्षा ठाकुर, डाॅ. गौरव आदि उपस्थित थे।   
यूथ रेडक्राॅस की प्रभारी डाॅ. रेशमा लाकेश ने बताया कि मेगा कैम्प का छात्राओं को बहुत लाभ मिला। नेत्र विशेषज्ञ से जहाँ नेत्र परीक्षण कराया वहीं डाॅ. सुप्रीत चोपड़ा ने छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण और काउंसिलिंग भी की। 
सत्यम शिवम सुंदरम समिति के सभी पदाधिकारीयों ने कैम्प की व्यवस्था में लगातार सक्रिय रहें। कैम्प का लाभ महाविद्यालय के प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने भी उठाया। 
बीपी, ई.सी.जी. ब्लड शुगर की जांच की भी सुविधा कैम्प में उपलब्ध थी। कैम्प के संचालन में यूथ रेडक्राॅस एवं राष्ट्रीय सेवा योजना तथा ग्रीन आर्मी की छात्राओं के साथ ही स्वास्थ्य सेवा से जुड़े कु. सीमा, अल्पना, खेमलाल, लोमश, मौसमी एवं पूजा तिवारी निरंतर व्यवस्था में लगी रही। महाविद्यालय के प्राचार्य ने समिति का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें सम्मानित किया। 

 
 
 

गल्र्स काॅलेज में यूथ रेडक्राॅस ने डेंगू के लिए जागरूकता अभियान चलाया

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग की यूथ रेडक्राॅस सोसायटी की छात्राओं ने अंचल में फैले ‘डेंगू’ के प्रति जागरूकता लाने तथा बचाव के सुरक्षात्मक उपायों पर अभियान शुरू किया है। यूथरेडक्राॅस की टीम ने प्रभारी डाॅ. रेशमा लाकेश के मार्गदर्शन में महाविद्यालय की समस्त छात्राओं को डेंगू से बचाव के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे फील्ड में जाकर तथा अपने मोहल्ले व आसपास में इसका प्रचार-प्रसार करें व पानी के जमाव को हटाने व स्वच्छता के लिये प्रेरित कर सकें। 
इस संबंध में महाविद्यालय में पोस्टर प्रदर्शनी भी लगायी गयी है जो डेंगू के लक्षणों, कारणों व उससे बचाव के तरीकों को प्रदर्शित करती है। 
महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी ने बताया कि यूथ रेडक्राॅस व राष्ट्रीय सेवा योजना की छात्राएँ इस अभियान में समर्पित होकर कार्य कर रही है। महाविद्यालय में सुप्रसिद्ध चिकित्सक डाॅ. एम.एल. अग्रवाल के सौजन्य से डेंगू के बचाव के लिये होम्योपैथिक दवा का भी वितरण किया जा रहा है। 

 
 
 

हेल्थ चेकअप कैंप का आयोजन बोन डेसिंटी एवं न्यूरोपैथी की जांच की गयी



शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग में मेडिकल सेंटर के तत्वाधान में हेल्थचेकअप कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप में बोनमाॅस डेंसिटी, बाॅडीमास इंडेक्स एवं न्यूरोपैथी की जांच आधुनिक मशीनों से की गयी तथा परामर्श दिया गया। मेडिकल सेंटर प्रभारी डाॅ. रेशमा लाकेश ने जानकारी दी कि नगर के प्रसिद्ध विशेषज्ञ डाॅ. के.सी. भगत एवं डाॅ. अंकिता भगत के सहयोग से एक दिवसीय कैंप का निःशुल्क आयोजन किया गया। जिसमें 140 छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा चिकित्सकीय परामर्श दिया गया।
डाॅ. के.सी. भगत ने बताया कि बोनमाॅस डेनसिटी की जांच आधुनिक उपकरणों के माध्यम से की गयी। जिसमें सभी की उम्र, वजन और ऊँचाई के साथ बोनमाॅस डेनसिटी, बाॅडीमास इंडेक्स एवं न्यूरोपैथी टेस्ट किया गया। महिलाओं में 40 की उम्र के बाद कैल्सियम की कमी के कारण हड्डियों में खनिज का घनत्व कम होने से कमर दर्द, पीठ दर्द की शिकायत आम हो गयी है। अब पुरूषों में भी यह लक्षण दिखाई देते है। जांच में पाया गया कि अधिकांश छात्राओं में कैल्सियम की कमी पायी गई तथा ऐनेमिक है। पुरूषों में भी कैल्सियम की कमी पायी गयी।   
न्यूरोपैथी- मशीन के द्वारा पैर के तलुओं से जांच कर ऐड़ी तथा पैर में होने वाली तकलीफ का भी परीक्षण किया गया। मधुमेह के रोगियों में अधिकतर पैरों में इस प्रकार का शिकायत मिलती है। डाॅ. अंकिता भगत ने पोषण एवं आहार प्रबंध पर चिकित्सीय परामर्श भी दिया। 
उन्होनें बताया कि पोषण एवं उचित खानपान से हम कई बिमारियों से बच सकते है और राहत पा सकते है। न्यूरोपैथी तकनीशियन तापस भगत, बोनमास डेनसिटी के तकनीशियन मुकेश कुमार तथा कु. प्रीति ठाकुर ने सतत् रूप से परीक्षण कार्य किया। 
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी तथा महाविद्यालय का स्टाॅफ, छात्राओं ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर शिविर का लाभ उठाया। यूथ रेडक्राॅस की छात्राओं ने कैंप की व्यवस्था का सफल संचालन किया।  


बोन डेसिंटी एवं न्यूरोपैथी की जांच की गयी 
 

‘‘काउंसलिंग सेंटर प्रारंभ’’

शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग में स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत काउंसलिंग सेंटर स्थापित किया गया है। जिसका उद्घाटन आज प्राचार्य डाॅ. सुशील चन्द्र तिवारी द्वारा किया गया। सेंटर में छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सेवायें उपलब्ध रहेंगी। इसके लिये विशेष रूप से महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापक डाॅ. रेशमा लाकेश एवं सुश्री रिमशा लाकेश को प्रशिक्षण विभाग द्वारा दिया गया है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक माह में एक बार विशेषज्ञ चिकित्सक द्वारा छात्राओं की मानसिक संबंधी समस्याओं का निवारण किया जायेगा एवं समय-समय पर विशेष कार्यशाला, सेमीनार और मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित होगें। 
अपने उद्बोधन में प्राचार्य डाॅ. तिवारी ने काउंसलिंग की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होनें बताया कि छात्र-छात्राएँ शिक्षा एवं कैरियर को लेकर अत्यंत तनाव में रहते है। उन्हें शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं के लिये उचित मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। यह केन्द्र छात्राओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारियाँ उपलब्ध करायेगा। 
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक डाॅ. यशेश्वरी धु्रव, डाॅ. मुक्ता बाखला,     डाॅ. निसरीन हुसैन, डाॅ. साधना पारेख, डाॅ. ज्योति भरणे, डाॅ. योगेन्द्र त्रिपाठी एवं काउंसलिंग सेंटर की संचालक डाॅ. रेशमा लाकेश एवं रिमशा लाकेश एवं यूथ रेडक्राॅस की छात्रायें उपस्थित थे।